डॉ. मेधा विश्राम कुलकर्णी के नेतृत्व में संसदीय समिति ने बेंगलुरु में इसरो (ISRO), IIA और NAL जैसी प्रमुख वैज्ञानिक संस्थाओं का दौरा किया। समिति ने भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' की वर्तमान स्थिति का गहन मूल्यांकन किया।

  • संसदीय स्थायी समिति ने इसरो के मुख्यालय और गगनयान मिशन की प्रगति की समीक्षा की।
  • डॉ. मेधा विश्राम कुलकर्णी के नेतृत्व में समिति ने IIA, NAL और CSIR-NIDSA का दौरा किया।
  • बैंगलोर स्थित संस्थानों में एआई (AI), खगोल विज्ञान और नागरिक विमान विकास पर चर्चा हुई।

बेंगलुरु: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने हाल ही में बेंगलुरु के प्रमुख वैज्ञानिक केंद्रों का दौरा किया। राज्यसभा सांसद और समिति की अध्यक्ष डॉ. मेधा विश्राम कुलकर्णी के नेतृत्व में, इस उच्च स्तरीय दल ने भारत की अंतरिक्ष और वैज्ञानिक क्षमताओं का व्यापक निरीक्षण किया।

समिति का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का मुख्यालय रहा। यहाँ समिति ने मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (HSFC) का दौरा किया और भारत के महत्वाकांक्षी पहले मानव अंतरिक्ष मिशन, गगनयान की वर्तमान स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान समिति ने इसरो अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन और अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ गहन चर्चा की।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा अब केवल उपग्रह प्रक्षेपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव उपस्थिति और उन्नत एआई अनुप्रयोगों की ओर बढ़ रही है। संसदीय निरीक्षण यह सुनिश्चित करता है कि महत्वपूर्ण मिशनों के लिए पर्याप्त संसाधन और नीतिगत समर्थन उपलब्ध हो।

समिति ने भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA) का भी दौरा किया, जहाँ खगोल विज्ञान, सौर भौतिकी और आगामी टेलीस्कोप परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। डॉ. कुलकर्णी ने वैज्ञानिकों को वैश्विक अंतरिक्ष मिशनों का नेतृत्व करने के लिए आवश्यक संसाधन और बुनियादी ढांचा प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशाला (NAL) में, समिति ने नागरिक विमान विकास कार्यक्रमों, विशेष रूप से HANSA-NG और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए स्वदेशी यात्री विमानों के विकास की प्रगति की समीक्षा की। CSIR-NIDSA में, चर्चा का मुख्य केंद्र उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग, राष्ट्रीय डेटा ग्रिड और व्यावहारिक एआई अनुप्रयोग थे, जो मौसम संबंधी चेतावनियों और साइबर सुरक्षा में मदद कर सकते हैं।

वैज्ञानिकों को वैश्विक अंतरिक्ष मिशनों का नेतृत्व करने के लिए सशक्त बनाने हेतु अनुसंधान बुनियादी ढांचे को मजबूत करना अनिवार्य है।
Did You Know?: गगनयान मिशन भारत को दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल कर देगा जिनके पास मानव को अंतरिक्ष में भेजने की क्षमता है।

Frequently Asked Questions

1. संसदीय समिति ने किन प्रमुख संस्थानों का दौरा किया?
समिति ने इसरो (ISRO), भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशाला (NAL) और CSIR-NIDSA का दौरा किया।

2. गगनयान मिशन क्या है?
गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है, जिसका उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजना है।