गूगल ने यूरोपीय संघ (EU) के कड़े नियमों और संभावित एंटीट्रस्ट जुर्माने के दबाव में अपनी स्पैम नीति में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। यह बदलाव मुख्य रूप से 'पैरासाइट एसईओ' और साइट प्रतिष्ठा के दुरुपयोग को रोकने के लिए किया गया है।
- गूगल ने यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र (EEA) के लिए अपनी स्पैम नीति में संशोधन किया है।
- यह कदम यूरोपीय आयोग द्वारा डिजिटल मार्केट एक्ट (DMA) के तहत की जा रही जांच के जवाब में उठाया गया है।
- नई नीति 'साइट प्रतिष्ठा दुरुपयोग' (Site Reputation Abuse) से निपटने के तरीके को बदल देगी।
- इस बदलाव का उद्देश्य समाचार मीडिया और अन्य प्रकाशकों को सर्च रैंकिंग में नुकसान से बचाना है।
टेक दिग्गज Alphabet Inc. की सहायक कंपनी Google ने शुक्रवार को घोषणा की है कि उसने यूरोपीय संघ (EU) के नियामकों की चिंताओं को दूर करने के लिए अपनी स्पैम नीति में बदलाव किया है। यह कदम उस संभावित एंटीट्रस्ट जुर्माने को टालने के लिए उठाया गया है, जो कंपनी पर भारी पड़ सकता था।
यह विवाद मुख्य रूप से 'साइट प्रतिष्ठा दुरुपयोग' (Site Reputation Abuse) की प्रथा से उपजा था। इस तकनीक में, कुछ वेबसाइटें सर्च रैंकिंग का फायदा उठाने के लिए अपने प्लेटफॉर्म पर तीसरे पक्ष (third-party) के कंटेंट को प्रकाशित करती हैं। इसे तकनीकी भाषा में 'पैरासाइट एसईओ' (Parasite SEO) कहा जाता है, जहाँ होस्ट साइट की रैंकिंग का लाभ उठाकर अनधिकृत कंटेंट को ऊपर लाया जाता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल स्पैमिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डिजिटल मीडिया के अस्तित्व से जुड़ा है। यूरोपीय संघ के अनुसार, गूगल की पिछली नीति के कारण कई प्रतिष्ठित समाचार मीडिया और अन्य प्रकाशकों की वेबसाइटों की रैंकिंग में गिरावट आई थी, क्योंकि उनके साइट पर मौजूद व्यावसायिक भागीदारों के कंटेंट को गूगल ने स्पैम मान लिया था।
डिजिटल मार्केट एक्ट (DMA) के तहत गूगल पर लगने वाला जुर्माना उसकी वैश्विक वार्षिक टर्नओवर का 10% तक हो सकता है, जो किसी भी टेक कंपनी के लिए एक बड़ा झटका होगा।
गूगल ने स्पष्ट किया है कि 30 अगस्त से, यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र (EEA) के 27 देशों, आइसलैंड, नॉर्वे और लिकटेंस्टीन में साइटों को कम रैंक (demote) करने के लिए की जाने वाली कोई भी मैन्युअल कार्रवाई लागू नहीं होगी। हालांकि, यह नीति यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र के बाहर के देशों के लिए नहीं बदलेगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले कुछ वर्षों में, यूरोपीय आयोग ने 'बिग टेक' कंपनियों की बाजार शक्ति को नियंत्रित करने के लिए डिजिटल मार्केट एक्ट (DMA) को लागू किया है। गूगल पहले भी डेटा गोपनीयता और प्रतिस्पर्धा संबंधी मुद्दों के लिए यूरोपीय नियामकों के निशाने पर रहा है। यह नया बदलाव इसी नियामक दबाव का परिणाम है।
Frequently Asked Questions
1. गूगल ने यह बदलाव क्यों किया?
गूगल ने यूरोपीय संघ के एंटीट्रस्ट नियमों और डिजिटल मार्केट एक्ट के तहत होने वाली जांच से बचने के लिए यह बदलाव किया है।
2. क्या यह बदलाव भारत में भी लागू होगा?
नहीं, गूगल ने स्पष्ट किया है कि यह नीति केवल यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र (EEA) के लिए है और इसके बाहर लागू नहीं होगी।