स्पेसएक्स के फाल्कन हैवी रॉकेट ने नासा के $4.3 बिलियन के नेंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप को अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक भेज दिया है। यह मिशन डार्क एनर्जी, डार्क मैटर और हजारों नए ग्रहों की खोज करने के लिए तैयार है।
- नासा का $4.3 बिलियन का रोमन टेलीस्कोप सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया।
- स्पेसएक्स के फाल्कन हैवी रॉकेट ने फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी।
- मिशन का लक्ष्य डार्क एनर्जी, डार्क मैटर और हजारों एक्सोप्लैनेट्स (Exoplanets) की खोज करना है।
- यह टेलीस्कोप हबल और वेब के साथ मिलकर ब्रह्मांड की विशाल मैपिंग करेगा।
नासा (NASA) ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने नवीनतम फ्लैगशिप वेधशाला, नेंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। रविवार तड़के, फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स (SpaceX) के शक्तिशाली फाल्कन हैवी (Falcon Heavy) रॉकेट ने इस $4.3 बिलियन के मिशन को अंतरिक्ष की ओर रवाना किया। यह मिशन ब्रह्मांड के सबसे गहरे रहस्यों, जैसे डार्क एनर्जी और डार्क मैटर के अस्तित्व को समझने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
मिशन का लक्ष्य और वैज्ञानिक महत्व
रोमन टेलीस्कोप का मुख्य उद्देश्य ब्रह्मांड के उन हिस्सों का अध्ययन करना है जो अब तक अदृश्य रहे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, ब्रह्मांड का केवल 5% हिस्सा ही सामान्य पदार्थ (तारे, ग्रह, गैस) से बना है, जबकि शेष 95% डार्क मैटर (27%) और डार्क मैटर (68%) है। यह टेलीस्कोप 2 अरब से अधिक आकाशगंगाओं का सर्वेक्षण करेगा, जिससे यह समझने में मदद मिलेगी कि ब्रह्मांड कितनी तेजी से फैल रहा है।
इसके अलावा, यह टेलीस्कोप हजारों नए एक्सोप्लैनेट्स (Exoplanets) की खोज करेगा, जिससे हमें हमारे सौर मंडल जैसे अन्य ग्रहों की सांख्यिकीय जानकारी मिल सकेगी। नासा की साइंस मिशन डायरेक्टर, निकी फॉक्स ने कहा कि यह टेलीस्कोप उन चीजों को करने में सक्षम होगा जो हम पहले कभी नहीं कर सके।
हबल और वेब के साथ एक शक्तिशाली तिकड़ी
रोमन टेलीस्कोप को लैग्रेंज पॉइंट 2 (L2) की ओर भेजा जा रहा है, जहाँ यह जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) के साथ मिलकर काम करेगा। जहाँ हबल टेलीस्कोप एक 'कीहोल' (छोटा छेद) से देखने जैसा है और जेम्स वेब एक 'ज़ूम लेंस' की तरह है, वहीं रोमन टेलीस्कोप एक 'वाइड-एंगल लेंस' की तरह काम करेगा जो ब्रह्मांड के विशाल दृश्यों को एक साथ कैप्चर करेगा।
"यह ऐसा होगा जैसे हबल और जेम्स वेब ने ब्रह्मांड को एक ताक छेद से देखा, लेकिन नेंसी ग्रेस रोमन दरवाजा तोड़कर अंदर घुस जाएगी।" - निकी फॉक्स
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इस टेलीस्कोप का नाम नासा की पहली मुख्य खगोलशास्त्री, स्वर्गीय नेंसी ग्रेस रोमन के सम्मान में रखा गया है। उन्हें 'हबल की माँ' के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने दशकों तक अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए आधार तैयार किया, और आज उनका नाम इस अत्याधुनिक तकनीक के साथ अमर हो गया है।
तुलना: हबल बनाम वेब बनाम रोमन
| विशेषता | हबल (Hubble) | जेम्स वेब (Webb) | रोमन (Roman) |
|---|---|---|---|
| दृष्टिकोण (Field of View) | सीमित | अत्यधिक केंद्रित (Zoom) | 100 गुना अधिक व्यापक |
| मुख्य कार्य | दृश्य प्रकाश अध्ययन | गहरा अंतरिक्ष/प्रारंभिक ब्रह्मांड | व्यापक ब्रह्मांडीय सर्वेक्षण |
| तकनीक | पारंपरिक वेधशाला | इन्फ्रारेड विशेषज्ञ | वाइड-एंगल सर्वेयर |
Frequently Asked Questions
1. रोमन टेलीस्कोप क्या खोजेगा?
यह डार्क एनर्जी, डार्क मैटर और हजारों नए ग्रहों (Exoplanets) की खोज करेगा।
2. यह कहाँ स्थित होगा?
यह पृथ्वी से 1.6 मिलियन किलोमीटर दूर लैग्रेंज पॉइंट 2 (L2) पर स्थित होगा।