सर्बियाई छात्र आंदोलन के एक सदस्य का आईफोन पेगासस जीरो-क्लिक स्पाइवेयर के माध्यम से संक्रमित पाया गया है। डिजिटल अधिकार समूहों ने चेतावनी दी है कि यह देश में निगरानी की अब तक की सबसे बड़ी लहर हो सकती है।

  • पेगासस जीरो-क्लिक स्पाइवेयर ने सर्बियाई छात्र कार्यकर्ता के आईफोन को सफलतापूर्वक निशाना बनाया।
  • डिजिटल अधिकार समूहों के अनुसार, यह सर्बिया में निगरानी की सबसे बड़ी दर्ज लहर है।
  • Zero-click तकनीक का मतलब है कि उपयोगकर्ता द्वारा किसी लिंक पर क्लिक किए बिना भी फोन हैक किया जा सकता है।

सर्बिया में डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा खतरा सामने आया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, पेगासस (Pegasus) नामक अत्यधिक उन्नत जीरो-क्लिक स्पाइवेयर ने सर्बियाई छात्र आंदोलन से जुड़े एक सक्रिय सदस्य के iPhone को संक्रमित कर दिया है। यह घटना नागरिक समाज और डिजिटल गोपनीयता के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

यह हमला 'जीरो-क्लिक' (Zero-click) तकनीक का उपयोग करता है, जो इसे पारंपरिक मैलवेयर से कहीं अधिक खतरनाक बनाता है। इस तकनीक में पीड़ित को किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या किसी फाइल को डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं होती है; केवल एक साधारण मैसेज या कॉल के माध्यम से डिवाइस को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है।

निगरानी की सबसे बड़ी लहर

डिजिटल अधिकार समूहों और पत्रकारों ने चिंता जताई है कि यह कोई isolated घटना नहीं है। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि सर्बिया में दर्ज की गई निगरानी की यह अब तक की सबसे बड़ी लहर हो सकती है। दर्जनों सर्बियाई कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और एक्टिविस्टों को लक्षित करने का संदेह है, जिससे देश में लोकतांत्रिक अधिकारों पर संकट मंडरा रहा है।

पेगासस का उपयोग केवल जासूसी नहीं, बल्कि असहमति की आवाजों को दबाने के लिए एक डिजिटल हथियार के रूप में किया जा रहा है।

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सर्बिया में इस तरह के हमलों का पैटर्न राजनीतिक रूप से सक्रिय व्यक्तियों को निशाना बनाने की ओर इशारा करता है। जब स्पाइवेयर का उपयोग छात्रों और नागरिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ किया जाता है, तो यह सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला होता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: पेगासस का इतिहास

पेगासस, जिसे इज़राइल स्थित NSO Group द्वारा विकसित किया गया है, पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर विवादों के केंद्र में रहा है। इसका उपयोग दुनिया भर के विभिन्न देशों में पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और राजनेताओं की जासूसी करने के लिए किया गया है। कई देशों में इस सॉफ्टवेयर के दुरुपयोग के बाद कड़े कानूनी और तकनीकी सुधारों की मांग उठी है।

Why This Matters

यह घटना दर्शाती है कि आधुनिक युग में शारीरिक सुरक्षा से अधिक डिजिटल सुरक्षा महत्वपूर्ण हो गई है। यदि एक छात्र आंदोलन का सदस्य, जिसके पास उन्नत स्मार्टफोन है, सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की गोपनीयता पूरी तरह से खतरे में है।

Did You Know?: जीरो-क्लिक हमले इतने सूक्ष्म होते हैं कि फोन के यूजर को पता भी नहीं चलता कि उसका कैमरा या माइक सक्रिय है।

Frequently Asked Questions

1. जीरो-क्लिक स्पाइवेयर क्या है?
यह एक ऐसा हमला है जिसमें यूजर को कुछ भी करने की जरूरत नहीं होती, सॉफ्टवेयर बैकग्राउंड में खुद को इंस्टॉल कर लेता है।

2. क्या आईफोन पूरी तरह सुरक्षित हैं?
नहीं, पेगासस जैसे उन्नत स्पाइवेयर आईफोन की सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर उन्हें भी निशाना बना सकते हैं।