गेमिंग जगत में बढ़ते AI के डर के बीच, 'Humankind 2' के डेवलपर्स को यह साबित करने के लिए पीछे के दृश्य दिखाने पड़े कि उनका ट्रेलर असली इंसानों द्वारा बनाया गया है। ऑनलाइन यूजर्स ने इसे 'AI स्लोप' करार दिया था, जिससे एक नई बहस छिड़ गई है।
- 'Humankind 2' के ट्रेलर को सोशल मीडिया पर AI-जनरेटेड होने का आरोप लगा।
- डेवलपर Amplitude Studios ने पीछे के दृश्य (BTS) जारी कर आरोपों को नकारा।
- ट्रेलर में असली सेट, लोग, जानवर और CGI का मिश्रण इस्तेमाल किया गया है।
- AI के प्रति बढ़ता संदेह अब वास्तविक कलाकारों के काम को भी निशाना बना रहा है।
हाल ही में आयोजित Gamescom Opening Night Live के दौरान, आगामी स्ट्रैटेजी गेम Humankind 2 का एक भव्य घोषणा ट्रेलर जारी किया गया। हालांकि, ट्रेलर के रिलीज होते ही इंटरनेट पर एक नई बहस छिड़ गई। कई यूजर्स ने दावा किया कि ट्रेलर के दृश्य पूरी तरह से या आंशिक रूप से Generative AI टूल्स का उपयोग करके बनाए गए हैं, जिसे उन्होंने 'AI स्लोप' (AI द्वारा बनाया गया कचरा) कहा।
इन आरोपों का जवाब देते हुए, गेम के निर्माता Amplitude Studios ने एक विस्तृत 'बिहाइंड-द-सीन' (BTS) वीडियो जारी किया है। इस डेढ़ मिनट के वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे ट्रेलर को वास्तविक सेटों, असली लोगों और जानवरों का उपयोग करके फिल्माया गया था। स्टूडियो ने स्पष्ट किया कि ट्रेलर में कहीं भी AI का उपयोग नहीं किया गया है; इसके बजाय, यह वास्तविक प्रदर्शन और LiveFX जैसे स्टूडियो द्वारा बनाए गए उच्च स्तरीय CGI का एक मेल है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि गेमिंग और फिल्म उद्योग में AI के प्रति बढ़ता संदेह एक खतरनाक प्रवृत्ति बन रहा है। जब दर्शक हर धुंधले या कलात्मक दृश्य को AI समझ लेते हैं, तो यह उन वास्तविक कलाकारों और तकनीशियनों के मनोबल को तोड़ता है जो महीनों की मेहनत से काम करते हैं। यह 'AI पैनीक' अनजाने में असली रचनात्मकता को गलत तरीके से लक्षित कर रहा है।
डिजिटल युग में, असली कला और AI के बीच की रेखा इतनी धुंधली हो गई है कि अब कलाकारों को अपनी वास्तविकता साबित करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
ट्रेलर के निर्माण में रचनात्मक एजेंसी BETC ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अलग-अलग युगों को दर्शाने के लिए विभिन्न व्यावहारिक सेटों, विशेष वेशभूषा और लाइटिंग का उपयोग किया। रचनात्मक निर्देशक बेंजामिन ले ब्रेटन के अनुसार, उनका लक्ष्य मानव इतिहास की विशालता को केवल 73 सेकंड में समाहित करना था, न कि केवल सभ्यताओं की कहानी सुनाना।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेलर को AI कहने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। ट्रेलर में इस्तेमाल किया गया 'POV' शॉट और पोस्ट-प्रोडक्शन में जानबूझकर डाला गया 'ब्लर' (धुंधलापन) कुछ लोगों को भ्रमित कर गया। इसके अलावा, मोबाइल स्क्रीन पर बारीक विवरणों को न देख पाना भी इस गलतफहमी का एक बड़ा कारण रहा।
Frequently Asked Questions
Q1: क्या Humankind 2 का ट्रेलर वास्तव में AI द्वारा बनाया गया था?
नहीं, Amplitude Studios ने स्पष्ट किया है कि ट्रेलर पूरी तरह से वास्तविक शूटिंग और CGI का मिश्रण है।
Q2: लोगों ने इसे AI क्यों कहा?
ट्रेलर के कुछ कलात्मक शॉट्स, धुंधले दृश्यों और POV कैमरा एंगल के कारण लोगों को लगा कि यह AI-जनरेटेड है।