कॉल ऑफ ड्यूटी के गेम सिक्योरिटी सीनियर डायरेक्टर डेविड एंड्रयूज ने 'रिचोचेट' (Ricochet) सिस्टम और चीट डेवलपर्स को अपनी टीम में शामिल करने की चौंकाने वाली रणनीति पर चर्चा की।

  • वीडियो गेम में चीटिंग अब एक अरबों डॉलर का वैश्विक उद्योग बन चुका है।
  • एक्टिविज़न 'पोचिंग' रणनीति अपना रहा है, जिसमें गेम को सुरक्षित करने के लिए पूर्व चीट डेवलपर्स को ही काम पर रखा जा रहा है।
  • GTA जैसे ओपन-वर्ल्ड गेम्स और कॉल ऑफ ड्यूटी जैसे कॉम्पिटिटिव शूटर्स में चीटिंग के तरीके बिल्कुल अलग होते हैं।

वीडियो गेमिंग की दुनिया में चीटिंग अब केवल कुछ छोटे हैक्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक मल्टी-बिलियन डॉलर इंडस्ट्री में बदल चुकी है। एक दुर्लभ साक्षात्कार में, कॉल ऑफ ड्यूटी के गेम सिक्योरिटी सीनियर डायरेक्टर डेविड एंड्रयूज ने खुलासा किया कि एक्टिविज़न इस महामारी से लड़ने के लिए किस तरह के कठिन संघर्षों से गुजर रहा है। एंड्रयूज, जो पूर्व में डिफेंस डिपार्टमेंट के कॉन्ट्रैक्टर और एयर फोर्स के सदस्य रह चुके हैं, गेम सुरक्षा में सैन्य-स्तर का अनुशासन और रणनीति ला रहे हैं।

एक्टिविज़न से पहले एंड्रयूज ने रॉकस्टार गेम्स में Grand Theft Auto Online और Red Dead Online में चीटिंग रोकने पर काम किया था। उन्होंने बताया कि हालांकि दोनों का प्रभाव नकारात्मक है, लेकिन चीटिंग की प्रकृति अलग होती है। ओपन-वर्ल्ड गेम्स में चीटर्स अक्सर आर्थिक प्रगति (जैसे मनी ड्रॉप लॉबी) को निशाना बनाते हैं, जबकि कॉल ऑफ ड्यूटी में मुख्य लक्ष्य कॉम्बैट डोमिनेंस होता है, जो सामान्य खिलाड़ियों के लिए अनुभव को बेहद निराशाजनक बना देता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि जैसे-जैसे गेमिंग 'लाइव सर्विस' मॉडल की ओर बढ़ रहा है, चीट डेवलपर्स के लिए वित्तीय प्रोत्साहन बढ़ गया है। जब कोई गेम एक सोशल हब बन जाता है, तो खिलाड़ी दूसरों की नजरों में 'कुशल' दिखने के लिए भारी कीमत चुकाकर हैक्स खरीदते हैं। यह एक ऐसी अंतहीन दौड़ बन गई है जहाँ सुरक्षा टीमों को मुनाफा कमाने वाले हैकर्स से तेज नवाचार करना पड़ता है।

एंड्रयूज ने एक सबसे दिलचस्प बात यह बताई कि एक्टिविज़न अब उन लोगों को ही नौकरी पर रख रहा है जो कभी चीट्स बनाते थे। उनका मानना है कि किसी चीट को रोकने का सबसे अच्छा तरीका यह समझना है कि उसे बनाया कैसे गया। इस तरह, वे 'दुश्मन' को अपनी टीम में शामिल कर गेम इंजन की कमजोरियों को बेहतर तरीके से समझ पा रहे हैं।

"चीट डेवलपर्स के पास भारी वित्तीय प्रोत्साहन है... वे सभी इस अरबों डॉलर के उद्योग में अपना हिस्सा खोज रहे हैं।"

साक्षात्कार में उद्योग-व्यापी सहयोग पर भी चर्चा हुई। हालांकि हर कंपनी के पास अपने उपकरण हैं—जैसे कॉल ऑफ ड्यूटी का Ricochet सिस्टम—लेकिन सुरक्षा प्रमुख आपस में अनौपचारिक रूप से जानकारी साझा करते हैं। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि चीट डेवलपर्स किसी एक गेम के प्रति वफादार नहीं होते; वे अक्सर Fortnite, Valorant और कॉल ऑफ ड्यूटी के लिए एक साथ टूल्स बनाते हैं।

अक्टूबर में Modern Warfare 4 की रिलीज से पहले सुरक्षा टीम पर दबाव और बढ़ गया है। उनका लक्ष्य स्पष्ट है: चीटर्स को गेम में प्रवेश करने से रोकना और जो अंदर घुसने में सफल हो जाएं, उन्हें इतनी तेजी से बाहर निकालना कि अन्य खिलाड़ियों को परेशानी न हो।

क्या आप जानते हैं?: कुछ चीट डेवलपर्स पैसे के लिए नहीं, बल्कि केवल यह जानने की तकनीकी जिज्ञासा के कारण हैक्स बनाते हैं कि गेम इंजन वास्तव में कैसे काम करता है।
विशेषता ओपन वर्ल्ड (GTA/Red Dead) कॉम्पिटिटिव शूटर (CoD)
मुख्य चीट लक्ष्य आर्थिक प्रगति/पैसा कॉम्बैट डोमिनेंस/किल्स
सेशन का प्रकार परसिस्टेंट ऑनलाइन सेशन रोलिंग लॉबीज़
खिलाड़ियों पर प्रभाव वर्ल्ड व्यवधान/ग्रिफिंग प्रतिस्पर्धी अन्याय

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: लोग चीट्स के लिए पैसे क्यों देते हैं यदि वे वास्तव में गेम नहीं खेल पा रहे?
उत्तर: कई उपयोगकर्ता दूसरों की नजरों में अत्यधिक कुशल दिखने की इच्छा से प्रेरित होते हैं, भले ही उनमें वास्तव में वह कौशल न हो।

प्रश्न: क्या गेमिंग इंडस्ट्री चीटिंग को पूरी तरह खत्म कर सकती है?
उत्तर: डेविड एंड्रयूज के अनुसार, इसे पूरी तरह खत्म करना लगभग असंभव है क्योंकि चीट बनाने वालों के लिए आर्थिक लाभ बहुत अधिक है, लेकिन लक्ष्य इसके प्रभाव को कम करना है।