प्रोफेट सिक्योरिटी की नवीनतम तिमाही रिपोर्ट के अनुसार, आधे से अधिक साइबर हमले पहचान (Identity) को निशाना बना रहे हैं। रिपोर्ट में उन चार घातक पैटर्न का विश्लेषण किया गया है जिन्होंने आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों को मात दी।

  • कुल संदिग्ध गतिविधियों में से लगभग 50% का लक्ष्य 'Identity' (पहचान) था।
  • सत्र अपहरण (Session Hijacking) पासवर्ड-आधारित सुरक्षा को दरकिनार करने का सबसे सफल तरीका रहा।
  • ब्राउज़र के माध्यम से फैलने वाले 'Infostealers' चोरी किए गए सत्रों का मुख्य स्रोत बने।
  • पारंपरिक MFA और कंडीशनल एक्सेस अब पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।

मई से जुलाई 2026 के बीच, Prophet Security ने ग्राहकों के वातावरण में आने वाले हर अलर्ट की गहन जांच की। इस अध्ययन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह था कि इसमें मानवीय विश्लेषण के पूर्वाग्रह को हटाकर हर एक अलर्ट की जांच की गई। कुल जांचों में से 93% गतिविधियां सामान्य पाई गईं, जबकि 7% पुष्टि की गई दुर्भावनापूर्ण (Malicious) गतिविधियां थीं।

1. सत्र अपहरण (Session Hijacking): सुरक्षा का सबसे बड़ा छेद

रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 18% हमले सीधे खातों और सत्रों पर केंद्रित थे। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि जहां पासवर्ड-आधारित हमलों को Conditional Access और Phishing-resistant MFA ने सफलतापूर्वक रोक दिया, वहीं 'पहले से प्रमाणित सत्रों' (Already-authenticated sessions) का उपयोग करने वाले हमले बार-बार सफल हुए।

इसका कारण यह है कि जब कोई हमलावर चोरी किए गए सत्र कुकी (Session Cookie) का उपयोग करता है, तो वह प्रमाणीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह से छोड़ देता है, जिससे सुरक्षा नीतियां ट्रिगर ही नहीं होतीं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the industry is moving toward a dangerous blind spot. Organizations are investing heavily in MFA, but they are neglecting the 'post-authentication' phase. If a session is stolen, the strongest password in the world becomes irrelevant.

"The shift from password-guessing to session-theft represents a fundamental change in the adversary's playbook, rendering traditional perimeter defenses obsolete."

2. ब्राउज़र-आधारित इन्फोस्टीलर्स (Infostealers)

पुष्टि की गई दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों का लगभग 23% हिस्सा मैलवेयर और टूलिंग से संबंधित था। ये इन्फोस्टीलर्स ईमेल के बजाय वेब ब्राउज़र के माध्यम से वितरित किए जा रहे हैं। हमलावरों ने वैध वेबसाइटों, दुर्भावनापूर्ण विज्ञापनों और नकली CAPTCHA गेट्स (ClickFix) का उपयोग किया ताकि स्वचालित सैंडबॉक्सिंग को चकमा दिया जा सके।

हमलावरों ने लोकप्रिय AI अनुप्रयोगों के 'ट्रोजन' संस्करणों का उपयोग किया, जिन्होंने विंडोज डिफेंडर को अक्षम कर दिया और कमांड-एंड-कंट्रोल चैनल खोले। इसमें Lumma Stealer और Vidar जैसे खतरनाक पेलोड शामिल थे।

क्या आप जानते हैं?: 'ClickFix' जैसी तकनीकें उपयोगकर्ताओं को एक बटन पर क्लिक करने के लिए मजबूर करती हैं, जिससे सुरक्षा सॉफ़्टवेयर को यह लगता है कि यह एक मानवीय क्रिया है और वह इसे ब्लॉक नहीं कर पाता।
हमले का प्रकार सुरक्षा प्रतिक्रिया परिणाम
पासवर्ड हमला Conditional Access/MFA अक्सर विफल (Blocked)
सत्र अपहरण (Session Hijack) मानक प्रमाणीकरण जांच अक्सर सफल (Bypassed)
MFA थकान (Fatigue) उपयोगकर्ता अनुमोदन सफल (यदि उपयोगकर्ता ने क्लिक किया)

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: सत्र अपहरण (Session Hijacking) क्या है?
यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें हमलावर आपके ब्राउज़र से 'सत्र कुकी' चुरा लेता है, जिससे वह बिना पासवर्ड या MFA के आपके खाते में प्रवेश कर सकता है।

प्रश्न 2: इन्फोस्टीलर्स से कैसे बचें?
हमेशा आधिकारिक स्रोतों से सॉफ़्टवेयर डाउनलोड करें, संदिग्ध विज्ञापनों पर क्लिक न करें और अपने ब्राउज़र को अपडेट रखें।