मंत्री अर्जुन मोदवाडिया ने बताया कि गुजरात में छह प्रमुख सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित होंगे, जो भारत के कुल 12 में से आधे हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह कदम डेटा सेंटर, AI और हाइपरस्केल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के उद्देश्य से है।
- गुजरात में 12 में से 6 सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियाँ स्थापित होंगी
- टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का 91,000 करोड़ का निवेश पहले ही शुरू हो चुका है
- डेटा सेंटर नीति से 10,000 MW क्षमता के प्रोजेक्ट्स को आकर्षित किया गया है
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोदवाडिया के साथ एक विशेष साक्षात्कार में यह स्पष्ट हुआ कि गुजरात को भारत का नया सेमीकंडक्टर हब बनाने की योजना है। यह योजना, 2026-29 के विज़िट गुजरात डेटा सेंटर नीति के साथ समन्वित है, जो 7.5 GW की क्षमता को लक्षित करती है।
परिवर्तनीय कारक
सैनंद और डोलेरा में स्थित प्रमुख कंपनियों – CG Semi, Kaynes Semicon और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स – को आकर्षित करने के लिए राज्य ने अनुकूल लॉजिस्टिक्स, विश्वसनीय पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोत्साहन योजनाओं का संयोजन किया। विशेष रूप से, डोलेरा का उद्योगीय कॉरिडोर और बंदरगाहों तक आसान पहुँच ने इन निवेशकों को आकर्षित किया।
क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण बताता है कि सेमीकंडक्टर उत्पादन भारत की स्व-निर्भरता को बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक सप्लाई चेन में एक मजबूत स्थान सुनिश्चित करेगा। यह कदम भारतीय टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
"गुजरात की ऊर्जा और लॉजिस्टिक क्षमताएँ इसे वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग का केंद्र बना सकती हैं," कहते हैं डॉ. राधिका पाटिल, प्रौद्योगिकी नीति विशेषज्ञ।
डेटा सेंटर और AI
विकसित गुजरात डेटा सेंटर नीति ने 14 प्रस्तावों को आकर्षित किया, जिनकी कुल निवेश राशि 10.36 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। प्रमुख कंपनियाँ जैसे रिलायंस, टॉर्टन पावर, अडानी और वेलस्पन कोड ने डोलेरा में विशेष रुचि दिखाई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या गुजरात की ऊर्जा नीति से सेमीकंडक्टर फैक्ट्रीज़ के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध होगी?
हां, राज्य के पास 1,28,000 करोड़ रुपये से अधिक के पावर प्रोजेक्ट्स हैं जो इन फैक्ट्रीज़ के लिए आवश्यक 10 GW क्षमता को पूरा करेंगे।
2. क्या यह परियोजना ग्रामीण रोजगार सृजन में योगदान देगी?
हाँ, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य कंपनियों ने स्थानीय युवाओं और आदिवासी समुदाय के लोगों को प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर पैदा करने का वादा किया है।
अर्जुन मोदवाडिया का मानना है कि राजनीतिक इच्छा और निवेशकों का विश्वास ही इस सफलता की कुंजी है। वे यह भी बताते हैं कि गुजरात ने IT क्षेत्र में पिछड़ने के बावजूद अब AI और सेमीकंडक्टर में अग्रणी बनने का लक्ष्य रखा है।