राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वेल्लोर के सथुवाचरी में चेन्नई‑बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग (NH‑48) की संकीर्ण सर्विस लेन से दुकानों और ईटरी के अतिक्रमण को हटाना शुरू किया। यह कदम ट्रैफ़िक जाम को कम करने और सरकारी बसों व आपातकालीन वाहनों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

मुख्य बिंदु

  • एनएचएआई ने वेल्लोर में 2 किमी तक की सर्विस लेन से अतिक्रमण हटाने का कार्य शुरू किया।
  • सेवा लेन की मूल चौड़ाई 7 मीटर थी, पर अब दुकानें 1.5 मीटर तक बढ़ गई थीं।
  • डिमोलिशन कार्य एक सप्ताह में पूरा होने की उम्मीद है, जिससे सरकारी बसों एवं एम्बुलेंस की गति बढ़ेगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने गुरुवार को वेल्लोर के सथुवाचरी कलेक्टरेट के पास स्थित चेन्नई‑बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग (NH‑48) की संकीर्ण सर्विस लेन से अनधिकृत निर्माणों को तोड़ना शुरू किया। यह कदम ट्रैफ़िक की सुगम गति और दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सर्विस लेन की मूल चौड़ाई सात मीटर थी, परन्तु किनारे पर स्थित दुकानें, सड़क किनारे के भोजनालय और अन्य वाणिज्यिक इकाइयों ने अपनी शाखाओं को 1.5 मीटर तक बढ़ा दिया, जिससे सरकारी बसें, एम्बुलेंस और अन्य सार्वजनिक वाहनों को रुकावटों का सामना करना पड़ रहा था। एनएचएआई ने कहा कि यह कार्रवाई कई बार यात्रियों और ड्राइवरों की शिकायतों के बाद ली गई है।

डिमोलिशन में कंक्रीट के स्तंभ, धातु की छतें और अनधिकृत स्टॉर्म वाटर ड्रेन संरचनाओं को हटाया जा रहा है। इन संरचनाओं को हटाने के बाद, तीन फुट चौड़ी और चार फुट गहरी स्टॉर्म वाटर ड्रेन को सड़क स्तर पर समतल किया जाएगा, जिससे पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ बन सकेगा और मोटर वाहन चालक के लिए अतिरिक्त लेन उपलब्ध होगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले कुछ वर्षों में भारत के कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण की समस्या बढ़ती गई, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में जहाँ जमीन की कीमतें बढ़ी हुई हैं। इस प्रकार के अतिक्रमण न केवल ट्रैफ़िक जाम का कारण बनते हैं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं की पहुँच को भी बाधित करते हैं। एनएचएआई ने पहले भी कई बार ऐसी डिमोलिशन अभियानों को सफलतापूर्वक लागू किया है, जैसे कि 2022 में पुणे‑मुंबई एक्सप्रेसवे पर किया गया कार्य।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that नियमित रूप से अतिक्रमण हटाने से न केवल यात्रा समय घटता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी उल्लेखनीय कमी आती है। इस पहल से वेल्लोर‑चेन्नई‑बेंगलुरु कॉरिडोर की लॉजिस्टिक क्षमता में सुधार होगा, जो स्थानीय व्यापार और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था दोनों के लिए लाभकारी है।

"सुरक्षित सर्विस लेन का पुनर्स्थापन सार्वजनिक परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और यह दीर्घकालिक ट्रैफ़िक प्रबंधन में मदद करेगा," कहा गया एक सड़क योजना विशेषज्ञ ने।
Did You Know?: भारत में केवल 30% राष्ट्रीय राजमार्गों पर पूरी तरह से दोहरी लेन उपलब्ध है, जबकि शेष 70% में अर्ध-एकतरफा लेनें ही प्रमुख हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: डिमोलिशन कार्य कब तक पूरा होगा?
उत्तर: एनएचएआई ने बताया है कि यह कार्य एक सप्ताह के भीतर समाप्त हो जाएगा।

प्रश्न 2: क्या निजी वाहनों को अब सर्विस लेन में चलने की अनुमति होगी?
उत्तर: नहीं, सर्विस लेन अभी भी केवल सरकारी बसों और आपातकालीन सेवाओं के उपयोग के लिए निर्धारित है।