सड़क परिवहन मंत्रालय ने उबर, ओला आदि राइड‑हेलिंग ऐप्स को तुरंत प्री‑राइड टिप प्रॉम्प्ट हटाने का आदेश दिया। अब टिप केवल यात्रा समाप्त होने के बाद ही स्वैच्छिक रूप से दी जा सकती है।

मुख्य बिंदु

  • सभी राइड‑हेलिंग ऐप्स को प्री‑राइड टिप हटाना अनिवार्य
  • टिप केवल यात्रा समाप्त होने के बाद देनी होगी
  • ड्राइवर को पूरी राशि प्राप्त होगी, कोई कटौती नहीं

नया नियमन जारी

भारत के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सभी मोटर वाहन एग्रीगेटर्स को निर्देश दिया है कि वे अपने मोबाइल एप्लिकेशन से "एडवांस टिप", "क्विक राइड" जैसे प्री‑राइड टिप संदेश तुरंत हटाएँ। यह आदेश 13 अगस्त, 2026 को जारी किया गया।

टिपिंग के नियम

2025 के Motor Vehicle Aggregator Guidelines के क्लॉज 14.15 के अनुसार, यात्रियों को यात्रा समाप्त होने के बाद ही स्वैच्छिक रूप से ड्राइवर को टिप देने का अधिकार है। यह राशि पूरी तरह ड्राइवर को ही मिलनी चाहिए, एग्रीगेटर कोई कटौती नहीं कर सकता।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले कुछ वर्षों में कई रिपोर्टों ने बताया कि राइड‑हेलिंग प्लेटफ़ॉर्म यात्राओं को तेज़ करने के बहाने प्री‑राइड टिप विकल्प दिखा रहे थे। इस पर उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने भी पहले चेतावनी जारी की थी, लेकिन स्पष्ट कार्यवाही नहीं हुई थी।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that eliminating pre‑ride tip prompts protects consumer choice and ensures fair competition among drivers, preventing coercive payment practices that could distort market dynamics.

"प्रि‑राइड टिप का हटना यात्रियों के अधिकारों की रक्षा करता है और ड्राइवर‑ग्राहक संबंध को स्वाभाविक बनाता है," कहा गया है राइड‑हेलिंग विशेषज्ञ रवीना सिंह ने।
क्या आप जानते हैं?: भारत में राइड‑हेलिंग ऐप्स ने 2020 में 12 करोड़ से अधिक यात्राएँ पूरी की थीं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या मैं अभी भी यात्रा के बाद टिप दे सकता हूँ?

उत्तर: हाँ, यात्रा समाप्त होने के बाद आप स्वैच्छिक रूप से टिप दे सकते हैं, लेकिन ऐप में यह विकल्प यात्रा के बाद ही दिखेगा।

प्रश्न 2: क्या यह नया नियम सभी शहरों पर लागू होता है?

उत्तर: हाँ, यह निर्देश सभी राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों में सभी राइड‑हेलिंग प्लेटफ़ॉर्म पर लागू होता है।