कोलकाता के जोका‑एस्प्लानेड पर्पल लाइन में टनल बोरिंग मशीन ‘दिव्या’ ने 11 अगस्त को विक्टोरिया स्टेशन पर अंतिम टनल का सफल ब्रेकथ्रू किया। यह उपलब्धि देर से चल रहे प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की कुंजी है।

मुख्य बिंदु

  • दिव्या ने विक्टोरिया स्टेशन पर दूसरा टनल पूरा किया
  • पर्पल लाइन 2029 तक पूरी होने की उम्मीद
  • प्रोजेक्ट में दो टनल मशीनें साथ काम कर रही हैं

परियोजना की वर्तमान स्थिति

कोलकाता मेट्रो की जोका‑एस्प्लानेड (पर्पल) लाइन में टनल बोरिंग मशीन (TBM) दिव्या ने 11 अगस्त दोपहर के आसपास विक्टोरिया स्टेशन पर अंतिम टनल का सफल ब्रेकथ्रू किया। यह दूसरी और अंतिम टनल है, जबकि पहला टनल 10 जुलाई को पूरा हो चुका था।

किडरपुर‑विक्टोरिया सेक्शन में दो टनल‑बोरिंग मशीनें – ‘दुर्गा’ और ‘दिव्या’ – समानांतर रूप से काम कर रही हैं, जिससे खिड़रपुर से पार्क स्ट्रीट तक की दोहरी टनलिंग तेज़ी से पूरी हो रही है। आगे की कार्यवाही पारंपरिक कट‑एंड‑कवरेज तकनीक से जारी रहेगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

जॉका‑एस्प्लानेड लाइन का निर्माण 2011 में शुरू हुआ, परन्तु विभिन्न कारणों से कई बार देर हो गई। प्रारंभिक चरण में भूमि अधिग्रहण, निचली जल निकासी और पर्यावरणीय मंजूरी में बाधाएँ आईं, जिससे कार्य में कई सालों की देरी हुई। इन चुनौतियों के बावजूद, 2025 में दो TBM को डिप्लॉय करके निर्माण को गति मिली।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the completion of the final tunnel is a critical milestone for Kolkata’s expanding metro network, promising to alleviate traffic congestion and boost economic activity across West Bengal’s capital.

"विक्टोरिया स्टेशन पर टनल का सफल ब्रेकथ्रू कोलकाता के सार्वजनिक परिवहन में एक नया अध्याय खोलता है," कहा शहरी परिवहन विशेषज्ञ डॉ. अनीता मेहता ने।
क्या आप जानते हैं?: कोलकाता मेट्रो की पर्पल लाइन, जब पूरी हो जाएगी, तो शहर की कुल मेट्रो लाइन लंबाई 40 किमी से अधिक हो जाएगी।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: पर्पल लाइन कब तक पूरी होगी?
उत्तर: वर्तमान अनुमान के अनुसार, पूरी पर्पल लाइन 2029 में संचालन शुरू करेगी।

प्रश्न 2: टनल बोरिंग मशीन ‘दिव्या’ की विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर: दिव्या एक फेशियल एज्ड टनल बोरिंग मशीन है, जो 1.75 किमी लंबाई के टनल को लगभग 30 महीने में ड्रिल कर सकती है।