दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल तारणजीत सिंह संधू ने महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए 56 विशेष बसों और 200 नई इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ किया। इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए विशेष रूट भी शामिल हैं।
- 56 विशेष महिला बसें शुरू की गईं, जिनमें 26 दिल्ली विश्वविद्यालय के रूटों पर चलेंगी।
- 200 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गईं, जिससे ई-बस बेड़ा 5,000 के पार पहुंच गया।
- बसों में सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मी और होम गार्ड तैनात रहेंगे।
- आपातकालीन स्थिति के लिए बसों में 112 PCR सिस्टम से जुड़े 'पैनिक बटन' लगाए गए हैं।
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार और प्रशासन ने राजधानी में महिला सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक भव्य समारोह के दौरान, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल तारनजीत सिंह संधू ने 56 विशेष महिला बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों में से 26 बसें विशेष रूप से दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रमुख कॉलेजों के रूटों पर संचालित की जाएंगी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिला यात्रियों, विशेषकर छात्राओं को सुरक्षित, गरिमामय और सुविधाजनक यात्रा प्रदान करना है। इन बसों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें महिला कंडक्टरों के साथ-साथ महिला पुलिसकर्मियों और होम गार्ड्स की तैनाती की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक बस में 'पैनिक बटन' लगाए गए हैं जो सीधे दिल्ली पुलिस के 112 PCR आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली से जुड़े हैं, जिससे किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत सहायता सुनिश्चित की जा सकेगी।
महिला सुरक्षा और कनेक्टिविटी का नया युग
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस सेवा को महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपहार बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों को उनके कॉलेजों और आवासीय क्षेत्रों के बीच सुरक्षित आवागमन में मदद करेगी। ये बसें नेहरू प्लेस, एम्स, कनॉट प्लेस, आईटीओ, करोल बाग और कश्मीरी गेट जैसे प्रमुख केंद्रों के साथ-साथ हिंदू, रामजस और हंसराज जैसे प्रतिष्ठित कॉलेजों को कवर करेंगी।
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सुरक्षा और पहुंच दो सबसे महत्वपूर्ण कारक हैं। यह नई सेवा इन दोनों चुनौतियों का समाधान करने का प्रयास करती है।
यह पहल न केवल परिवहन को सुगम बनाएगी, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
पर्यावरण और विस्तार: 200 नई इलेक्ट्रिक बसें
सुरक्षा के साथ-साथ, दिल्ली ने हरित ऊर्जा की ओर भी बड़ा कदम बढ़ाया है। समारोह में 200 नई इलेक्ट्रिक बसें भी रवाना की गईं, जिससे दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या 5,000 से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि DTC का कुल बेड़ा अब 6,800 बसों तक पहुंच गया है और सरकार का लक्ष्य 2028-29 तक इसे 14,000 बसों तक विस्तारित करना है।
उपराज्यपाल तारणजीत सिंह संधू ने कहा कि नई ई-बस सेवाओं और राजघाट डिपो-1 में नए ईवी चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन राजधानी में प्रदूषण कम करने और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, दिल्ली-करनाल के बीच नई एसी बस सेवा भी शुरू की गई है।
Frequently Asked Questions
1. महिला विशेष बसें किन रूटों पर चलेंगी?
ये बसें प्रमुख केंद्रों जैसे कनॉट प्लेस, एम्स और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रमुख कॉलेजों (हिंदू, रामजस, हंसराज आदि) के रूटों पर चलेंगी।
2. आपातकालीन स्थिति में क्या करें?
बसों में लगे पैनिक बटन को दबाने पर सूचना सीधे 112 PCR सिस्टम को मिल जाएगी।