उत्तर प्रदेश के कानपुर, बदायूं और बलिया में भारी बारिश के कारण अलग-अलग हादसों में कम से कम छह लोगों की जान चली गई। परिजनों ने पुलिस और स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

  • कानपुर में एक ही परिवार के चार सदस्यों सहित कुल पांच लोगों की मौत।
  • बदायूं में दीवार गिरने से किसान की मौके पर ही मौत।
  • बलिया में छह साल की बच्ची की मिट्टी की दीवार गिरने से जान गई।
  • परिजनों ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का लगाया आरोप।

उत्तर प्रदेश में मानसून की बारिश ने एक बार फिर कहर बरपाया है। राज्य के विभिन्न जिलों में मकान और दीवारें गिरने की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है। इन त्रासदियों में सबसे भीषण हादसा कानपुर के हिरनी गांव में हुआ, जहां एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान चली गई।

कानपुर: एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के अनुसार, हिरनी गांव में रविवार सुबह करीब 11 बजे एक 'कच्चा' मकान ढह गया। इस हादसे में मुकेश कुमार, उनकी बेटियां माया (17), नीतू (7) और पल्लवी (5) की मौके पर ही या अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। उनकी एक अन्य बेटी, काजल, गंभीर रूप से घायल है और कानपुर के लाला लाजपत राय अस्पताल (LLR) में उपचाराधीन है।

हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। मृतक मुकेश के चचेरे भाई, तेज बहादुर सिंह ने आरोप लगाया कि परिवार ने बचाव के लिए बार-बार साढ़ पुलिस स्टेशन को फोन किया, लेकिन पुलिस ने शुरुआती घंटों में कोई जवाब नहीं दिया। ग्रामीणों को खुद दो घंटे तक मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए संघर्ष करना पड़ा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों की संरचनात्मक कमजोरी और आपातकालीन सेवाओं (Emergency Services) की सुस्ती एक गंभीर समस्या बनी हुई है। पुलिस की कथित देरी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में डॉक्टरों की अनुपलब्धता प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करती है।

प्रशासनिक देरी और बुनियादी ढांचे की कमी अक्सर प्राकृतिक आपदाओं को मानवीय त्रासदियों में बदल देती है।

अन्य जिलों में भी मची तबाही

बदायूं: यहाँ गुड़गांव गांव में भारी बारिश के कारण एक किसान के घर की दीवार गिर गई। 35 वर्षीय विनोद अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सो रहे थे, तभी हादसा हुआ। विनोद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं।

बलिया: नाफेरपुर गांव में एक छह साल की मासूम बच्ची, कीर्ति राजभर, की दीवार गिरने से मौत हो गई। वह अपने नाना-नानी के घर आई हुई थी और रास्ते में मिट्टी की दीवार गिरने की चपेट में आ गई।

Did You Know?: भारी बारिश के दौरान मिट्टी के घरों (Kutcha Houses) की नींव कमजोर हो जाती है, जिससे अचानक ढहने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: कानपुर हादसे में कितने लोग हताहत हुए?
उत्तर: कानपुर के हिरनी गांव में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हुई और एक बच्ची गंभीर रूप से घायल है।

प्रश्न 2: क्या पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगे हैं?
उत्तर: हाँ, परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने शुरू में उनके कॉल्स का जवाब नहीं दिया और अस्पताल में भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे।