मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव का उद्घाटन किया और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में ज्ञान के प्रसार के लिए डिजिटल पुस्तकालयों की बड़ी उपलब्धि साझा की।
- उत्तर प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं।
- मुख्यमंत्री ने युवाओं को 'बुक बैंक' बनाने और रचनात्मक पढ़ने की आदत डालने का आह्वान किया।
- 'ऑपरेशन कायाकल्प' के माध्यम से सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में व्यापक सुधार किया गया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ विश्वविद्यालय में 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था में आए क्रांतिकारी बदलावों पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने बताया कि डिजिटल युग में गांवों और शहरों के बीच की दूरी को कम करने के लिए राज्य सरकार ने 57,600 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए हैं, जहाँ नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह कहना गलत है कि युवा केवल सोशल मीडिया पर समय बर्बाद करते हैं; समस्या यह है कि ज्ञान को उनके पास पहुँचाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक 'एग्जाम वॉरियर्स' का उल्लेख करते हुए कहा कि हर बच्चे को इसके संदेशों को आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी रचनात्मकता और सकारात्मक सोच बढ़ाने के लिए विविध प्रकार की पुस्तकें पढ़ें और अपना स्वयं का 'बुक बैंक' बनाएं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम ग्रामीण भारत में सूचना के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। डिजिटल पुस्तकालयों के माध्यम से, सरकार न केवल साक्षरता दर बढ़ा रही है, बल्कि ग्रामीण युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार भी कर रही है।
ज्ञान को सीमित दायरे में रखना समाज और राष्ट्र के लिए हानिकारक होता है।
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले जो राज्य 'बीमारू' श्रेणी में था और जहाँ के युवाओं का अस्तित्व संकट में था, आज वह ज्ञान और प्रगति का केंद्र बन रहा है। उन्होंने 'ऑपरेशन कायाकल्प' का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे परिषदीय स्कूलों के जर्जर भवनों को बदलकर उन्हें स्मार्ट क्लास सुविधाओं से लैस किया गया है।
ऐतिहासिक संदर्भ में बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा केवल श्रुति और स्मृति तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों और प्राचीन अभिलेखों के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती रही है। उन्होंने नैमिषारण्य, काशी और मुजफ्फरनगर के शुक्रतीर्थ जैसे स्थानों का उल्लेख करते हुए यूपी को भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र बताया।
Frequently Asked Questions
1. उत्तर प्रदेश में डिजिटल लाइब्रेरी कहाँ उपलब्ध हैं?
ये पुस्तकालय राज्य की सभी 57,600 ग्राम पंचायतों के ग्राम सचिवालयों में उपलब्ध हैं।
2. 'ऑपरेशन कायाकल्प' क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना है जिसके तहत सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे, भवनों और स्मार्ट क्लास सुविधाओं में सुधार किया गया है।