मिसाइलों की भारी कमी के कारण यूक्रेन की वायु सेना अब रूसी ड्रोन हमलों का मुकाबला करने के लिए शीत युद्ध काल की R-60 मिसाइलों का उपयोग करने को मजबूर है। हाल ही में एक मिग-29 लड़ाकू विमान ने इस पुरानी मिसाइल से एक रूसी ड्रोन को मार गिराया है।
- यूक्रेन के पास आधुनिक वायु रक्षा मिसाइलों की भारी कमी है।
- रूस के लगातार ड्रोन हमलों ने यूक्रेन को पुरानी R-60 मिसाइलों का उपयोग करने पर मजबूर किया है।
- एक मिग-29 लड़ाकू विमान ने सफलतापूर्वक एक रूसी 'बैंडरोल' ड्रोन को नष्ट किया।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण युद्ध में संसाधनों की कमी अब यूक्रेन की सैन्य रणनीति को प्रभावित करने लगी है। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, आधुनिक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की कमी के कारण, यूक्रेनी वायु सेना अब 1970 के दशक की R-60 एयर-टू-एयर मिसाइलों का उपयोग रूसी ड्रोनों को निशाना बनाने के लिए कर रही है।
हाल ही में एक नाटकीय घटनाक्रम में, एक यूक्रेनी MiG-29 लड़ाकू विमान ने बेहद कम ऊंचाई पर उड़ रहे एक रूसी 'बैंडरोल' (Banderol) ड्रोन को इस पुरानी मिसाइल की मदद से मार गिराया। यह घटना दर्शाती है कि युद्ध के मैदान में तकनीक के बजाय उपलब्धता अब निर्णायक भूमिका निभा रही है।
युद्ध का बदलता स्वरूप
यूक्रेन के लिए चुनौती केवल मिसाइलों की संख्या नहीं, बल्कि उनकी सटीकता और आधुनिकता भी है। रूसी ड्रोन लगातार कम ऊंचाई पर उड़कर यूक्रेनी रडार की पकड़ में आने से बचते हैं, जिससे उन्हें मार गिराना कठिन हो जाता है। ऐसे में, पुराने ज़माने की R-60 मिसाइलें, जो मूल रूप से 1973 के आसपास विकसित की गई थीं, एक अंतिम विकल्प के रूप में सामने आई हैं।
तकनीकी रूप से पुरानी मिसाइलों का उपयोग करना यूक्रेन की बढ़ती सैन्य थकान और आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं का सीधा संकेत है।
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यदि पश्चिमी देशों से आधुनिक मिसाइल प्रणालियों की आपूर्ति में देरी होती है, तो यूक्रेन को अपनी हवाई सुरक्षा के लिए पूरी तरह से सोवियत काल के बचे हुए भंडार पर निर्भर रहना होगा। यह स्थिति युद्ध के लंबे समय तक खिंचने के जोखिम को बढ़ाती है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
R-60 मिसाइलें शीत युद्ध के दौरान सोवियत संघ द्वारा विकसित की गई थीं। हालांकि ये छोटी और फुर्तीली हैं, लेकिन आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और उन्नत ड्रोन तकनीकों के सामने इनकी प्रभावशीलता सीमित हो सकती है। यूक्रेन के पास उपलब्ध मिग-29 विमानों का बेड़ा अब इन पुरानी मिसाइलों के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहा है।
Why This Matters
यह घटना वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों के लिए एक चेतावनी है। यह दिखाता है कि कैसे एक उच्च-तकनीकी युद्ध में भी, बुनियादी गोला-बारूद की कमी किसी देश की रक्षा क्षमता को पंगु बना सकती है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: R-60 मिसाइल क्या है?
उत्तर: यह सोवियत काल की एक छोटी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है जिसे 1970 के दशक में विकसित किया गया था।
प्रश्न 2: यूक्रेन आधुनिक मिसाइलों का उपयोग क्यों नहीं कर पा रहा है?
उत्तर: मिसाइलों की अत्यधिक मांग, आपूर्ति में देरी और युद्ध के मैदान में उनकी भारी खपत मुख्य कारण हैं।