बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण केरल में मौसम बिगड़ गया है। मौसम विभाग ने 7 अगस्त को आठ जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

  • केरल के 8 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है।
  • बंगाल की खाड़ी में दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।
  • पथनमथिट्टा, इडुक्की और वायनाड सहित कई पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना।
  • कन्नूर के अय्यनकुन्नू में सबसे अधिक 56 मिमी बारिश दर्ज की गई।

केरल में मानसून की स्थिति गंभीर होती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को जारी एक बुलेटिन में चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने दोहरे चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश होगी।

किन जिलों पर है खतरा?

मौसम विभाग ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 के लिए पथनमथिट्टा, इडुक्की, कोट्टायम, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, राज्य के अन्य छह जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जहाँ छिटपुट भारी बारिश हो सकती है।

क्यों बढ़ रहा है खतरा?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, वर्तमान मौसम प्रणाली काफी जटिल है। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण है, जबकि दूसरा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट के पास बना हुआ है। इन दोनों प्रणालियों के मिलन से पहाड़ी क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की उम्मीद है।

चक्रवाती प्रणालियों का यह दोहरा प्रभाव केरल के तटीय और पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का जोखिम बढ़ा सकता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

केरल का भूगोल इस तरह का है कि भारी वर्षा के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Floods) का खतरा हमेशा बना रहता है। पिछले कुछ वर्षों में, चक्रवाती परिसंचरण के कारण होने वाली बारिश ने राज्य की बुनियादी संरचना को काफी नुकसान पहुँचाया है।

क्या आप जानते हैं?: केरल के कन्नूर जिले के अय्यनकुन्नू में गुरुवार को सबसे अधिक 56 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो राज्य के अन्य हिस्सों की तुलना में काफी अधिक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. ऑरेंज अलर्ट का क्या मतलब है?
ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है और लोगों को सतर्क रहने तथा सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

2. किन जिलों में सबसे अधिक बारिश की आशंका है?
पथनमथिट्टा, इडुक्की, कोट्टायम, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में सबसे अधिक बारिश की संभावना है।