तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में 16 सितंबर तक बारिश की संभावना है, जबकि आंतरिक जिलों में तापमान में वृद्धि देखी जा रही है। क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने मानसून की कमी और एल नीनो के प्रभाव के कारण इस विरोधाभासी मौसम की चेतावनी दी है।

  • 16 सितंबर तक तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में छिटपुट बारिश की संभावना।
  • तटीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य रहेगा, लेकिन आंतरिक तमिलनाडु में भीषण गर्मी जारी रहेगी।
  • राज्य में इस सीजन में अब तक औसत से 26% कम बारिश दर्ज की गई है।

चेन्नई और आसपास के तटीय इलाकों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि क्षेत्रीय मौसम केंद्र (RMC) के अनुसार, मन्नार की खाड़ी तक फैली एक ट्रफ लाइन के कारण 16 सितंबर तक बारिश होने की उम्मीद है। यह बारिश तटीय क्षेत्रों में तापमान को नियंत्रित रखेगी और लोगों को उमस से राहत दिलाएगी। हालांकि, राज्य के आंतरिक हिस्सों की स्थिति इसके विपरीत है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आंतरिक तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी (Sizzling weather) का सामना करना पड़ सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि समुद्र से आने वाली नमी आंतरिक बेल्ट तक नहीं पहुँच पा रही है। उदाहरण के तौर पर, गुरुवार को तिरुचि में अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक था।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तमिलनाडु में मौसम का यह असामान्य व्यवहार जलवायु परिवर्तन और वैश्विक मौसम प्रणालियों के बीच के असंतुलन को दर्शाता है। जब तटीय क्षेत्रों में बारिश होती है और आंतरिक क्षेत्रों में सूखा बना रहता है, तो यह कृषि चक्र और जल स्तर को प्रभावित करता है। विशेष रूप से, दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्र में इस सितंबर में दक्षिण-पश्चिम मानसून का कमजोर होना एक चिंताजनक संकेत है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमजोरी और सक्रिय एल नीनो (El Nino) स्थितियों ने इस साल सितंबर में तापमान को असामान्य रूप से बढ़ा दिया है।

क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख वी.आर. दुरई ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष मानसून का प्रभाव काफी कम रहा है। उन्होंने बताया कि पड़ोसी राज्यों और तमिलनाडु के आंतरिक हिस्सों में शुष्क परिस्थितियों ने गर्मी को बढ़ाया है। आमतौर पर वर्ष के इस समय तक तापमान मध्यम हो जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ है।

वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो तमिलनाडु इस सीजन में काफी पीछे है। 1 जून से अब तक राज्य में केवल 18.1 सेमी बारिश हुई है, जो औसत से 26% कम है। यह वर्षा की कमी भविष्य में जल संकट का संकेत दे सकती है।

क्षेत्र मौसम की स्थिति तापमान प्रभाव
तटीय क्षेत्र (चेन्नई आदि) बारिश और बादल सामान्य/मध्यम
आंतरिक क्षेत्र (तिरुचि आदि) शुष्क और धूप भीषण गर्मी (39°C+)

आने वाले दिनों में, पश्चिमी घाट के जिलों, कुड्डालोर, मदुरै और डेल्टा जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। साथ ही, 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। चेन्नई में शुक्रवार को छिटपुट बारिश हो सकती है, जिससे अधिकतम तापमान 34-35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।

क्या आप जानते हैं?: एल नीनो एक जलवायु घटना है जिसमें प्रशांत महासागर के सतही पानी का तापमान बढ़ जाता है, जिससे भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों में मानसून कमजोर हो जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: तमिलनाडु में बारिश की कमी का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: मुख्य कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून का कमजोर होना और सक्रिय एल नीनो स्थितियां हैं।

प्रश्न 2: किन जिलों में भारी बारिश की संभावना है?
उत्तर: कुड्डालोर, मदुरै, डेल्टा जिलों और पश्चिमी घाट के क्षेत्रों में मध्यम बारिश की संभावना है।