कोलकाता के प्रतिष्ठित जादवपुर विश्वविद्यालय में एबीवीपी और वामपंथी छात्र समूहों के बीच हिंसक झड़प के बाद प्रशासन ने पुलिस में मामला दर्ज कराया है। इस घटना में संपत्ति का नुकसान, आगजनी और छात्रों के साथ दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगे हैं।
- एबीवीपी और वामपंथी छात्र गुटों के बीच कैंपस में हिंसक झड़प हुई।
- विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक प्रतीक चिन्ह और गेट को नुकसान पहुँचाया गया।
- छात्रों को इमारतों में बंद करने और आगजनी जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
- प्रशासन ने सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
कोलकाता के प्रतिष्ठित जादवपुर विश्वविद्यालय (Jadavpur University) में राजनीतिक छात्र गुटों के बीच हुई भीषण हिंसा के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना 20 अगस्त, 2026 को हुई, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी छात्र समूहों के बीच झड़प शुरू हुई।
प्रशासन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के अनुसार, आधी रात को एक भीड़ ने कैंपस में अवैध प्रवेश किया। इस भीड़ ने न केवल मुख्य द्वार को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया, बल्कि उत्सव के बैनरों और झंडों में आग लगा दी। सबसे भयावह स्थिति तब पैदा हुई जब कुछ छात्रों को एक इमारत के भीतर ही ताला लगाकर बंद कर दिया गया, जिससे उनकी सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
संपत्ति और विरासत को नुकसान
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य शिकायत विश्वविद्यालय के 'गेट नंबर 4' पर चढ़ने और वहां स्थित ऐतिहासिक प्रतीक चिन्ह को नुकसान पहुँचाने के संबंध में है। यह प्रतीक चिन्ह प्रसिद्ध चित्रकार नंदलाल बोस द्वारा निर्मित किया गया था, जो विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके अलावा, पथराव और पानी की बोतलें फेंकने की घटनाएं भी रिपोर्ट की गई हैं।
कैंपस में बाहरी तत्वों का प्रवेश और ऐतिहासिक धरोहरों पर हमला शैक्षणिक संस्थानों की गरिमा के लिए एक गंभीर खतरा है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि जादवपुर विश्वविद्यालय में बढ़ती राजनीतिक हिंसा केवल छात्रों के बीच का संघर्ष नहीं है, बल्कि यह शैक्षणिक संस्थानों के भीतर सुरक्षा प्रोटोकॉल की विफलता को भी दर्शाती है। जब राजनीतिक गुट कैंपस की सीमाओं का उल्लंघन करते हैं, तो यह राज्य के कानून-व्यवस्था और शिक्षा के माहौल पर सीधा प्रहार होता है।
झड़प की शुरुआत बुधवार, 19 अगस्त को फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स यूनियन (FETSU) की बैठक के दौरान हुई थी। गुरुवार दोपहर को स्थिति तब और बिगड़ गई जब ABVP समर्थकों ने पुलिस बैरिकेड्स को तोड़कर गेट नंबर 4 तक पहुँचने की कोशिश की, जबकि वामपंथी छात्र उनका विरोध करने के लिए कैंपस के भीतर जमा हो गए थे।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: जादवपुर विश्वविद्यालय में हिंसा का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: यह हिंसा ABVP और वामपंथी छात्र समूहों के बीच राजनीतिक वर्चस्व और FETSU की बैठक को लेकर शुरू हुई झड़प का परिणाम थी।
प्रश्न 2: क्या इस घटना में छात्रों को चोट आई है?
उत्तर: हाँ, झड़प के दौरान कई छात्र घायल हुए हैं और कुछ को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है।