जादवपुर विश्वविद्यालय में छात्र समूहों के बीच हुई झड़प के बाद भाजपा विधायक सारबरी मुखर्जी ने हिंसा भड़काने के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा का ABVP से कोई सीधा संबंध नहीं है।

  • जादवपुर विश्वविद्यालय में छात्र समूहों के बीच हिंसक झड़प हुई।
  • भाजपा विधायक सारबरी मुखर्जी ने कैंपस में प्रवेश और भड़काने के आरोपों को नकारा।
  • भाजपा ने स्पष्ट किया कि ABVP उनकी आधिकारिक छात्र इकाई नहीं है।
  • वामपंथी समूहों (SFI और RSF) पर ABVP समर्थकों को उकसाने का आरोप लगाया गया।

कोलकाता के प्रतिष्ठित जादवपुर विश्वविद्यालय में हाल ही में हुई छात्र हिंसा ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। शनिवार को, जादवपुर की भाजपा विधायक सारबरी मुखर्जी ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें उन्हें ABVP समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाने का दोषी बताया गया था। मुखर्जी ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह घटना के समय परिसर में मौजूद नहीं थीं और न ही उन्होंने किसी प्रकार की उकसावे वाली गतिविधि में भाग लिया।

हिंसा की पृष्ठभूमि और घटनाक्रम

यह पूरा विवाद गुरुवार (20 अगस्त, 2026) को शुरू हुआ जब इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संकाय के छात्रों के संघ (FETSU) की एक सामान्य बैठक के दौरान विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं वाले छात्र समूहों के बीच टकराव हो गया। इस झड़प में RSS से संबद्ध ABVP और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच हिंसक संघर्ष हुआ, जिसमें कई छात्र घायल हो गए।

क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना केवल छात्र राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पश्चिम बंगाल में बढ़ते राजनीतिक ध्रुवीकरण का एक बड़ा संकेत है। विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थानों में हिंसा का होना शिक्षा के वातावरण और छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सारबरी मुखर्जी ने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज उनकी निर्दोषता साबित कर देगा और वह केवल पुलिस स्टेशन के पास एक शांतिपूर्ण सभा में मौजूद थीं।

विधायक मुखर्जी ने जवाबी हमला करते हुए आरोप लगाया कि वामपंथी संगठनों, विशेष रूप से SFI और RSF ने ABVP समर्थकों को कैंपस में घुसने के लिए उकसाया। उन्होंने कहा, "मैं कैंपस में कैसे प्रवेश कर सकती हूँ? मैं वहां मौजूद ही नहीं थी।"

भाजपा और ABVP के बीच की दूरी

इस विवाद के बीच, भाजपा ने खुद को ABVP से अलग करने की कोशिश की है। पश्चिम बंगाल भाजपा इकाई के प्रमुख समीक भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि ABVP भाजपा की छात्र शाखा नहीं है, बल्कि एक स्वतंत्र राष्ट्रवादी छात्र संगठन है। यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पार्टी को छात्र हिंसा की जिम्मेदारी से बचाने का एक प्रयास माना जा रहा है।

Did You Know?: जादवपुर विश्वविद्यालय अपनी राजनीतिक सक्रियता और छात्र आंदोलनों के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: जादवपुर विश्वविद्यालय में विवाद का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: विवाद FETSU की बैठक के दौरान ABVP और वामपंथी छात्र समूहों के बीच वैचारिक टकराव के कारण हुआ।

प्रश्न 2: क्या भाजपा का ABVP से आधिकारिक संबंध है?
उत्तर: भाजपा नेताओं के अनुसार, ABVP एक स्वतंत्र राष्ट्रवादी छात्र संगठन है और भाजपा की आधिकारिक छात्र इकाई नहीं है।