बेल्जियम के हाई फेंस क्षेत्र में बारिश के बावजूद भीषण आग बेकाबू बनी हुई है, जबकि ग्रीस ने एथेंस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास लगी आग को तेजी से नियंत्रित कर लिया है।
- बेल्जियम के हाई फेंस में लगभग 30 वर्ग किलोमीटर पाइन वन जलकर राख हो गए हैं।
- ग्रीस ने एथेंस एयरपोर्ट के पास स्पैटा में लगी आग को मात्र 30 मिनट में काबू किया।
- जलवायु परिवर्तन और भीषण सूखे को यूरोप में आग की इन घटनाओं का मुख्य कारण बताया गया है।
यूरोप इस समय अत्यधिक गर्मी और सूखे से प्रेरित भीषण गर्मी के दबाव में है। बेल्जियम में, देश की सबसे बड़ी जंगल की आग में से एक सोमवार को भी बेकाबू थी। हालांकि ठंडे मौसम और बारिश ने अग्निशामकों को कुछ राहत दी है, लेकिन आग अभी भी सक्रिय है। यह आग पूर्वी हाई फेंस क्षेत्र में लगी है, जो जर्मन सीमा से केवल आठ किलोमीटर दूर है।
लीज प्रांत में इस आग ने अनुमानित 30 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे जंगल काले पड़ गए हैं और जमीन सुलग रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए किंग फिलिप ने अपनी गर्मियों की छुट्टियों को छोटा कर दिया ताकि वे आपातकालीन टीमों का दौरा कर सकें। इस आग को बुझाने के लिए नार्वे, स्वीडन, जर्मनी और नीदरलैंड के विमानों की मदद ली जा रही है, जबकि स्थानीय पुलिस ड्रोन के जरिए आग की निगरानी कर रही है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि बारिश के बावजूद बेल्जियम की आग का न बुझना यह दर्शाता है कि जलवायु परिवर्तन के कारण जंगल इतने सूखे हो चुके हैं कि अब सामान्य वर्षा भी उन्हें ठंडा करने में असमर्थ है। यह पूरे यूरोप के लिए एक गंभीर पारिस्थितिक चेतावनी है।
लंबे समय तक चलने वाले सूखे और बढ़ते तापमान ने यूरोपीय जंगलों को बारूद के ढेर में बदल दिया है, जहाँ मामूली चिंगारी भी महा-विनाश का कारण बन सकती है।
दूसरी ओर, ग्रीस में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। एथेंस के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्पैटा क्षेत्र में आग लगी, जिसे दो जल-विमानों और दो हेलीकॉप्टरों की मदद से 30 मिनट के भीतर नियंत्रित कर लिया गया। हालांकि, सलामिन द्वीप पर लगी आग ने दो लोगों की जान ले ली और नौ अन्य घायल हो गए।
ग्रीस में आग लगाने (Arson) के मामलों में सख्ती बढ़ गई है। कावाला शहर में एक 80 वर्षीय व्यक्ति को सूखी वनस्पतियों में जानबूझकर आग लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से अब तक ग्रीस में आग से संबंधित 302 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें से 31 जानबूझकर आग लगाने के लिए और 271 लापरवाही के कारण हुई हैं।
फ्रांस के दक्षिण-पश्चिम में लैंडेस क्षेत्र में चार दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। यहाँ लगभग 17 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र जल गया और 600 से अधिक निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा था। तापमान गिरने से अब वहां राहत महसूस की जा रही है।
| देश | प्रभावित क्षेत्र | स्थिति | नुकसान/पैमाना |
|---|---|---|---|
| बेल्जियम | हाई फेंस | सक्रिय/बेकाबू | 30 वर्ग किमी जल गया |
| ग्रीस | एथेंस/सलामिन | नियंत्रित/जांच जारी | 2 मृत, 9 घायल |
| फ्रांस | लैंडेस क्षेत्र | नियंत्रित | 17 वर्ग किमी जल गया |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: बारिश के बावजूद बेल्जियम की आग क्यों नहीं बुझ रही है?
क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, बारिश ने बाहरी हिस्सों में मदद की है, लेकिन आग के केंद्र में इतनी अधिक गर्मी है कि बारिश का असर वहां नहीं हो रहा है।
प्रश्न 2: यूरोप में आग की घटनाओं में अचानक वृद्धि क्यों हुई है?
अत्यधिक गर्मी, लंबे समय तक सूखा और जलवायु परिवर्तन ने जंगलों को अत्यधिक ज्वलनशील बना दिया है।