डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संयुक्त सैन्य अभ्यासों में अचानक कटौती के बाद दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्योंग ने अमेरिकी गठबंधन के प्रति अपने समर्थन को दोहराया है। इस कदम ने राष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिकी 'न्यूक्लियर अंब्रेला' की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- राष्ट्रपति ट्रंप ने बिना किसी पूर्व परामर्श के दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों में भारी कटौती का आदेश दिया।
- राष्ट्रपति ली जे म्योंग ने गठबंधन की पुष्टि की और कहा कि एकजुटता से राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होती है।
- सियोल में आंतरिक राजनीतिक मतभेद बढ़े; विपक्ष ने सरकार पर सुरक्षा से ऊपर कूटनीति को रखने का आरोप लगाया।
- दक्षिण कोरिया में अमेरिकी भरोसे में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तनाव पैदा करने वाले एक बड़े घटनाक्रम में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों में भारी कटौती का आदेश दिया है। वार्षिक उल्ची फ्रीडम शील्ड (Ulchi Freedom Shield) अभ्यास शुरू होने से ठीक पहले सोशल मीडिया के माध्यम से की गई इस घोषणा ने सियोल को रणनीतिक निवारण और दशकों पुराने सुरक्षा गठबंधन की स्थिरता को लेकर चिंता में डाल दिया है।
इस संकट पर प्रतिक्रिया देते हुए, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्योंग ने मंगलवार को जोर देकर कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक मजबूत गठबंधन राष्ट्रीय सुरक्षा का आधार बना हुआ है। कैबिनेट की बैठक के दौरान, ली ने कहा कि जब देश अपनी ताकत बढ़ाता है, तो एक सहयोगी के रूप में उसका मूल्य और महत्व और बढ़ जाता है, जो एक अधिक आत्मनिर्भर रक्षा मुद्रा की ओर संकेत करता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह घर्षण केवल सैन्य अभ्यासों के बारे में नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि अमेरिका अब अपने वैश्विक गठबंधनों को कैसे देखता है। पूर्वी एशिया में सैन्य सहयोग को ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान से जोड़कर, ट्रंप प्रशासन सुरक्षा गारंटी को रणनीतिक अनिवार्यता के बजाय एक 'लेन-देन' (transactional) संपत्ति के रूप में देख रहा है। कूटनीति का यह दृष्टिकोण एक खतरनाक शून्य पैदा करता है जिसका फायदा उत्तर कोरिया जैसे दुश्मन उठा सकते हैं।
इस फैसले ने दक्षिण कोरिया की घरेलू राजनीति को और अधिक विभाजित कर दिया है। जबकि राष्ट्रपति ली का कार्यालय उम्मीद करता है कि ट्रंप और किम जोंग उन के बीच अच्छे संबंध सार्थक संवाद की ओर ले जाएंगे, रूढ़िवादी पीपुल पावर पार्टी ने सरकार की कड़ी आलोचना की है। प्रवक्ता पार्क चुंग-क्वोन ने चेतावनी दी कि राष्ट्र का सुरक्षा कवच अपनी नींव से हिल गया है।
"ट्रंप गठबंधन को एक ऐसे निवेश के रूप में देखते हैं जिससे नियमित लाभांश मिलना चाहिए, या एक इमरजेंसी फंड की तरह जिसे वे तब निकाल सकते हैं जब कोई अन्य प्रोजेक्ट ठीक से नहीं चल रहा हो।" — लीफ-एरिक ईस्ली, इवा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर।
भू-राजनीतिक दांव और भी ऊंचे हो गए हैं क्योंकि उत्तर कोरिया की आक्रामकता बढ़ रही है। प्योंगयांग ने हाल ही में अपने परमाणु शस्त्रागार का विस्तार किया है और रूस के साथ अपने संबंधों को मजबूत किया है। दक्षिण कोरिया के पास अपने परमाणु हथियार नहीं हैं, इसलिए अमेरिकी 'न्यूक्लियर अंब्रेला' पर निर्भरता इसे अस्तित्व का मामला बना देती है।
| दृष्टिकोण | अमेरिकी प्रशासन (ट्रंप) | दक्षिण कोरिया सरकार (ली) |
|---|---|---|
| अभ्यास पर विचार | महंगे और उत्तर कोरिया के लिए उकसाने वाले | निवारण और सुरक्षा के लिए आवश्यक |
| गठबंधन की प्रकृति | लेन-देन / निवेश आधारित | रणनीतिक / सुरक्षा आधारित |
| प्राथमिक लक्ष्य | व्यक्तिगत कूटनीति के जरिए परमाणु निरस्त्रीकरण | संतुलित आत्मनिर्भरता और गठबंधन |
सैन्य अभ्यासों के अलावा, टैरिफ युद्ध और जॉर्जिया में दक्षिण कोरियाई श्रमिकों पर छापेमारी जैसी आर्थिक तनातनी ने रिश्तों को और खराब किया है। जुंगआंग इल्बो के एक हालिया सर्वेक्षण से पता चलता है कि 2017 के बाद पहली बार, अधिक दक्षिण कोरियाई अमेरिका को एक अविश्वसनीय भागीदार मानते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य अभ्यासों में कटौती क्यों की?
ट्रंप ने किम जोंग उन के साथ अपने अच्छे संबंधों का हवाला दिया और ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध में दक्षिण कोरिया के शामिल न होने पर नाराजगी जताई।
इसका दक्षिण कोरिया की रक्षा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इससे उत्तर कोरिया के खिलाफ निवारण क्षमता कमजोर होती है और सियोल में अमेरिकी परमाणु सुरक्षा की विश्वसनीयता को लेकर डर बढ़ता है।