कर्नाटक उच्च न्यायालय ने हेब्बल-सिल्क बोर्ड टनल रोड परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों पर चिंता जताते हुए अधिकारियों से महत्वपूर्ण रिपोर्ट और प्रस्तुति मांगी है। कोर्ट ने लाल बाग के भूगर्भीय स्मारक और हेब्बल झील के जल प्रवाह पर पड़ने वाले असर की जांच के निर्देश दिए हैं।
- कोर्ट ने लाल बाग के 'पेनिनसुला गनीस' (Peninsular Gneiss) पर टनल प्रोजेक्ट के प्रभाव की GSI रिपोर्ट मांगी है।
- हेब्बल झील के जल प्रवाह (Inflow/Outflow) में बाधा न आए, इसके लिए इंजीनियरों को प्रस्तुति देनी होगी।
- 16.75 किमी लंबी टनल परियोजना को जनहित याचिकाओं (PIL) के माध्यम से चुनौती दी गई है।
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने गुरुवार को बेंगलुरु की महत्वाकांक्षी 16.75-किमी लंबी टनल रोड परियोजना को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश विभु बाखरु और न्यायमूर्ति के.एस. हेमलेखा की खंडपीठ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की वह रिपोर्ट प्रस्तुत करें, जो लाल बाग में स्थित लगभग 3-अरब साल पुराने 'पेनिनसुला गनीस' (Peninsular Gneiss) पर इस परियोजना के प्रभाव का विश्लेषण करती है।
उल्लेखनीय है कि लाल बाग में स्थित यह चट्टान संरचना एक राष्ट्रीय भूगर्भीय स्मारक घोषित की जा चुकी है। अदालत का मुख्य सरोकार यह सुनिश्चित करना है कि इस विशाल निर्माण कार्य से इस प्राचीन प्राकृतिक विरासत को कोई नुकसान न पहुंचे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच बढ़ते संघर्ष का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यदि टनल निर्माण से भूगर्भीय संरचनाओं या जल निकायों को नुकसान पहुंचता है, तो यह भविष्य में बड़े पारिस्थितिक संकट का कारण बन सकता है।
अदालत ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया है कि वे हेब्बल झील के जल प्रवाह को लेकर इंजीनियरों के माध्यम से एक विस्तृत प्रस्तुति तैयार करें। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि हेब्बल जंक्शन से बीएलआर रोड की ओर जाने वाली 2.2 किमी लंबी टनल झील के प्राकृतिक जल चक्र में बाधा डाल सकती है।
शहरी बुनियादी ढांचे का विकास प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र की कीमत पर नहीं होना चाहिए।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता स्नेहा नागरज ने तर्क दिया कि परियोजना के कारण हेब्बल झील का लगभग 3.4 एकड़ हिस्सा परियोजना के अधीन आ जाएगा, जो कानून के विरुद्ध है। हालांकि, राज्य के महाधिवक्ता के. शशि किरण शेट्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निर्माण कार्य झील के बफर क्षेत्र के नीचे होगा और इससे जल प्रवाह प्रभावित नहीं होगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
लाल बाग का 'पेनिनसुला गनीस' दुनिया की सबसे पुरानी चट्टानों में से एक माना जाता है, जो पृथ्वी के प्रारंभिक इतिहास की गवाही देता है। इस तरह के भूगर्भीय स्थलों का संरक्षण न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से, बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता के लिए भी अनिवार्य है।
Frequently Asked Questions
1. कोर्ट ने मुख्य रूप से क्या मांग की है?
कोर्ट ने GSI की रिपोर्ट और हेब्बल झील के जल प्रवाह पर इंजीनियरों की तकनीकी प्रस्तुति मांगी है।
2. टनल परियोजना का विस्तार क्या है?
यह परियोजना हेब्बल और सिल्क बोर्ड जंक्शनों को जोड़ने वाली 16.75 किमी लंबी सड़क है।