कर्नाटक राज्य प्रशासनिक न्यायाधिकरण (KAT) ने दो सरकारी स्कूल शिक्षकों के निलंबन पर रोक लगा दी है, जिन्हें आरएसएस के एक कार्यक्रम में शामिल होने के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। न्यायाधिकरण ने माना कि आरएसएस एक गैर-राजनीतिक संगठन है।

  • KAT ने दो शिक्षकों के निलंबन पर अंतरिम रोक लगा दी है।
  • शिक्षकों पर आरएसएस कार्यक्रम में शामिल होने के कारण कार्रवाई की गई थी।
  • न्यायाधिकरण ने कहा कि आरएसएस एक गैर-राजनीतिक संगठन है।
  • मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर, 2026 को होगी।

कर्नाटक के कलबुर्गी स्थित कर्नाटक राज्य प्रशासनिक न्यायाधिकरण (KAT) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए दो सरकारी स्कूल शिक्षकों के निलंबन पर रोक लगा दी है। ये शिक्षक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के कथित कारण से निलंबित किए गए थे।

यह मामला गुरुराज जोशी और आनासाहेब देशमुख से जुड़ा है, जो क्रमशः कुप्पी और हुंसगी में सरकारी शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। दोनों शिक्षकों ने अपने निलंबन के खिलाफ अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधिकरण ने अंतरिम राहत प्रदान की है। यह रोक 9 अक्टूबर, 2026 को होने वाली अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी।

मामले की पृष्ठभूमि

बीती 20 अगस्त, 2026 को, यादगीर के उप निदेशक सार्वजनिक शिक्षा (DDPI), सी.एस. मुधोल ने इन दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया था। निलंबन का आधार 10 और 12 अक्टूबर, 2025 को हुई कथित घटनाएं बताई गई थीं। प्रशासन ने कर्नाटक सिविल सेवा (आचरण) नियम, 2021 का हवाला देते हुए तर्क दिया था कि आरएसएस के कार्यक्रम में भाग लेना सरकारी कर्मचारियों के लिए निर्धारित आचरण नियमों का उल्लंघन है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला सरकारी कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सेवा नियमों के बीच की महीन रेखा को रेखांकित करता है। न्यायाधिकरण ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जिस कार्यक्रम का उल्लेख किया गया है, वह एक गैर-राजनीतिक संगठन द्वारा आयोजित किया गया था।

न्यायाधिकरण ने आगे टिप्पणी की कि राज्य सरकार ने ऐसा कोई आधिकारिक अधिसूचना या आदेश जारी नहीं किया है जो सरकारी अधिकारियों को ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने से विशेष रूप से रोकता हो। इस प्रकार, न्यायाधिकरण ने आचरण नियमों के नियम 5 के तहत किसी भी उल्लंघन को खारिज कर दिया है।

यह निर्णय स्पष्ट करता है कि बिना किसी विशिष्ट सरकारी निषेध के, गैर-राजनीतिक संगठनों की गतिविधियों में भागीदारी को सेवा नियमों का उल्लंघन नहीं माना जा सकता।

वर्तमान में, न्यायाधिकरण ने राज्य सरकार और शिक्षा अधिकारियों को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यादगीर के DDPI सी.एस. मुधोल ने कहा है कि उन्हें आदेश प्राप्त हो गया है और वे उच्च अधिकारियों के साथ इस पर चर्चा करेंगे।

Did You Know?: कर्नाटक राज्य प्रशासनिक न्यायाधिकरण (KAT) राज्य सरकार के कर्मचारियों से संबंधित सेवा मामलों में निर्णय लेने वाली एक महत्वपूर्ण न्यायिक संस्था है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: शिक्षकों को किस आधार पर निलंबित किया गया था?
उत्तर: उन्हें आरएसएस के एक कार्यक्रम में भाग लेने के कारण कर्नाटक सिविल सेवा (आचरण) नियम, 2021 के उल्लंघन के आधार पर निलंबित किया गया था।

प्रश्न 2: न्यायाधिकरण का मुख्य तर्क क्या था?
उत्तर: न्यायाधिकरण ने तर्क दिया कि आरएसएस एक गैर-राजनीतिक संगठन है और सरकार ने ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होने पर कोई स्पष्ट प्रतिबंध नहीं लगाया है।