ग्रेटर हैदराबाद सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (GHSPCA) ने नाग पंचमी के दौरान सांपों को दूध पिलाने की परंपरा को छोड़ने की अपील की है। संस्था ने चेतावनी दी है कि यह प्रथा सांपों के स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है।

मुख्य बातें

  • नाग पंचमी के दौरान सांपों को दूध पिलाना उनके प्राकृतिक आहार का हिस्सा नहीं है।
  • यह प्रथा सांपों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है।
  • GHSPCA ने सांपों के साथ होने वाली क्रूरता और अवैध पकड़ को रोकने की अपील की है।
  • नाग पंचमी पर सांपों को बचाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

हैदराबाद: नाग पंचमी का त्योहार करीब है, लेकिन पशु कल्याण संस्थाओं ने इस अवसर पर होने वाली पशु क्रूरता को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। ग्रेटर हैदराबाद सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (GHSPCA) ने हैदराबाद के नागरिकों से अपील की है कि वे नाग पंचमी के दौरान सांपों को दूध पिलाने जैसी प्रथाओं से बचें।

दूध पिलाना सांपों के लिए क्यों है खतरनाक?

GHSPCA के अनुसार, सांपों, विशेष रूप से कोबरा, के प्राकृतिक आहार में दूध शामिल नहीं है। सांप स्तनधारी नहीं हैं और उनके शरीर की जैविक संरचना दूध को पचाने के लिए नहीं बनी है। इस प्रथा के कारण सांपों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जो उनके जीवन के लिए घातक साबित हो सकती हैं।

BozokMedia विश्लेषण: परंपरा बनाम जीव विज्ञान

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि धार्मिक आस्था और जीव विज्ञान के बीच का यह संघर्ष अक्सर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है। सांपों को दूध पिलाना एक ऐसी परंपरा बन गई है जो वैज्ञानिक रूप से गलत है और अनजाने में इन जीवों को कष्ट पहुँचाती है।

सांपों को दूध पिलाना उनकी प्राकृतिक प्रवृत्ति के विरुद्ध है और यह उनके लिए धीमा जहर साबित हो सकता है।

संस्था ने यह भी खुलासा किया कि नाग पंचमी से कुछ हफ्ते पहले सांपों को अवैध रूप से पकड़ा जाता है। सपेरे अक्सर सांपों के दांत निकालने, जहर की ग्रंथियों को नुकसान पहुँचाने और उनके मुंह को सिलने जैसे क्रूर कार्य करते हैं ताकि उन्हें प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल किया जा सके।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और बचाव कार्य

GHSPCA वर्ष 2005 से सांपों को बचाने, उनका उपचार करने और उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ने का काम कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, संस्था ने अब तक नाग पंचमी के त्योहार के दौरान कुल 5,366 सांपों को बचाया है। इस वर्ष भी, वन विभाग के समन्वय से हैदराबाद के प्रमुख क्षेत्रों जैसे शालीबांदा, हुसैनी आलम और रामकोटी में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

क्या आप जानते हैं?: सांप स्तनधारी नहीं हैं, इसलिए उनके शरीर में दूध को पचाने के लिए आवश्यक एंजाइम नहीं होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: सांपों को दूध पिलाना क्यों गलत है?
उत्तर: क्योंकि दूध सांपों के प्राकृतिक आहार का हिस्सा नहीं है और यह उनके पाचन तंत्र को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचा सकता है।

प्रश्न 2: यदि मुझे कोई घायल सांप दिखे तो क्या करूँ?
उत्तर: आप तेलंगाना वन विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1800-425-5364 या GHSPCA से संपर्क कर सकते हैं।