कोयंबटूर के अनामलाई टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थित परम्बिकुलाम अलियार प्रोजेक्ट (PAP) की कंटूर नहर में डूबने से एक मादा तेंदुए की दुखद मृत्यु हो गई।
- कोयंबटूर के बूथगंडु रिजर्व फॉरेस्ट में मादा तेंदुए का शव मिला।
- शव की जांच से पता चला कि तेंदुए की मौत डूबने के कारण हुई है।
- वन विभाग ने शव का पोस्टमार्टम करने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया है।
तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक दुखद खबर सामने आई है। अनामलाई टाइगर रिजर्व (ATR) के आरक्षित वन क्षेत्रों से गुजरने वाली परम्बिकुलाम अलियार प्रोजेक्ट (PAP) की कंटूर नहर में फंसने के कारण एक मादा तेंदुए की डूबने से मौत हो गई।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार शाम लगभग 4 बजे जब पोलची वन रेंज के तहत आने वाले बूथगंडु रिजर्व फॉरेस्ट में फील्ड स्टाफ गश्त कर रहा था, तब नहर के एक हिस्से में तेंदुए का शव देखा गया। शव की स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट था कि जानवर नहर के बहाव में फंस गया था।
पोस्टमार्टम और जांच के परिणाम
बुधवार को ATR अधिकारियों और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में एक पशुचिकित्सक द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संकेत मिला है कि यह मांसाहारी जीव कुछ दिन पहले नहर के ऊपरी हिस्सों में कहीं डूब गया होगा, जिसके बाद बहाव के साथ उसका शव बूथगंडु तक आ गया।
वन विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि नहरों की संरचना वन्यजीवों के लिए घातक साबित हो रही है।
जांच के दौरान तेंदुए के दांत और पंजे पूरी तरह सुरक्षित पाए गए, जिससे यह पुष्टि हुई कि किसी अन्य शिकारी द्वारा हमला नहीं किया गया था। फोरेंसिक और हिस्टोपैथोलॉजिकल विश्लेषण के लिए शव से नमूने भी एकत्र किए गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद, नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह की घटनाएं मानव निर्मित बुनियादी ढांचे और वन्यजीव गलियारों के बीच बढ़ते संघर्ष को दर्शाती हैं। परम्बिकुलाम अलियार प्रोजेक्ट जैसी बड़ी सिंचाई परियोजनाएं जब घने जंगलों से होकर गुजरती हैं, तो वे अनजाने में वन्यजीवों के लिए 'डेथ ट्रैप' बन जाती हैं।
Frequently Asked Questions
1. मादा तेंदुए की मौत कैसे हुई?
पोस्टमार्टम के अनुसार, मादा तेंदुआ PAP कंटूर नहर के ऊपरी हिस्से में डूब गई थी।
2. क्या तेंदुए पर किसी अन्य जानवर का हमला हुआ था?
नहीं, विशेषज्ञों ने पाया कि उसके दांत और पंजे सुरक्षित थे, जिससे हमले की संभावना खारिज हो गई है।