पंजाब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹470 करोड़ की लागत से 3 लाख सौर एलईडी स्ट्रीटलाइट लगाने की योजना बना रही है। इस पहल में सरकार 70% खर्च वहन करेगी।

मुख्य बिंदु

  • कुल 3 लाख नई सौर एलईडी स्ट्रीटलाइट्स लगाई जाएंगी।
  • परियोजना की कुल लागत ₹470 करोड़ है।
  • सरकार 70% खर्च उठाएगी, जबकि पंचायतें केवल 30% देंगी।
  • पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (PEDA) इस परियोजना की नोडल एजेंसी होगी।

पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने राज्य के ग्रामीण इलाकों में रोशनी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। नए और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्री अमन अरोड़ा ने बुधवार को बताया कि सरकार ₹470 करोड़ के निवेश के साथ गांवों में 3 लाख नई एलईडी-आधारित सौर स्ट्रीटलाइट्स स्थापित करेगी।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना है। मंत्री अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना के लिए फंडिंग का ढांचा बदल दिया गया है। पहले जहां पंचायतों पर भारी बोझ पड़ता था, वहीं अब राज्य सरकार 70% लागत वहन करेगी और ग्राम पंचायतों को केवल 30% हिस्सा देना होगा। यह निर्णय पंचायतों के सीमित वित्तीय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि सभी ग्राम पंचायतें समान रूप से इस कार्यक्रम का लाभ उठा सकें।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, पंजाब की लगभग 62.51% आबादी (करीब 173.20 लाख लोग) ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। अंधेरी सड़कें न केवल दुर्घटनाओं और अपराध के जोखिम को बढ़ाती हैं, बल्कि सूर्यास्त के बाद आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी सीमित करती हैं। सौर ऊर्जा का उपयोग करके, सरकार न केवल कार्बन फुटप्रिंट कम कर रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही है।

यह पहल न केवल ग्रामीण सुरक्षा को बढ़ाएगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा की ओर पंजाब के बढ़ते कदम को भी दर्शाती है।

इस परियोजना की देखरेख पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (PEDA) द्वारा की जाएगी। यह एजेंसी न केवल नई लाइटों की स्थापना करेगी, बल्कि मौजूदा प्रणालियों की मरम्मत और नवीनीकरण का भी कार्य करेगी। इसके अतिरिक्त, पंचायतों के फीडबैक को ध्यान में रखते हुए, रखरखाव की अवधि को 5 वर्ष से बढ़ाकर 7 वर्ष कर दिया गया है ताकि लंबे समय तक कार्यक्षमता बनी रहे।

अतीत की पृष्ठभूमि

पंजाब में सौर ऊर्जा का उपयोग धीरे-धीरे बढ़ रहा है। पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान, सौर परियोजनाओं के लिए पंचायतों पर वित्तीय बोझ अधिक था, जिसके कारण कई गांवों में बुनियादी ढांचे का अभाव रहा। वर्तमान सरकार का यह कदम ग्रामीण विकास के मॉडल में एक बड़ा बदलाव लाने का प्रयास है।

क्या आप जानते हैं?: सौर स्ट्रीटलाइट्स न केवल बिजली बचाती हैं, बल्कि ग्रिड फेल होने की स्थिति में भी गांवों को रोशन रखती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: इस परियोजना के लिए फंडिंग का अनुपात क्या है?
उत्तर: सरकार 70% लागत उठाएगी और ग्राम पंचायतें 30% का योगदान देंगी।

प्रश्न 2: इस प्रोजेक्ट की देखरेख कौन करेगा?
उत्तर: पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (PEDA) इस पूरी परियोजना की नोडल एजेंसी होगी।