पोल्लची के सांसद के. ईश्वरसामी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को ज्ञापन सौंपकर स्वतंत्रता-पूर्व काल की महत्वपूर्ण ट्रेन सेवाओं को पुनर्जीवित करने की पुरजोर मांग की है।
मुख्य बातें
- सांसद के. ईश्वरसामी ने ऐतिहासिक ट्रेन सेवाओं की बहाली के लिए रेल मंत्रालय को ज्ञापन सौंपा।
- कोयंबटूर-रामेश्वरम एक्सप्रेस और कोयंबटूर-थूथुकुडी फास्ट पैसेंजर जैसी पुरानी सेवाओं को फिर से शुरू करने की मांग।
- पोडनूर जंक्शन पर कई महत्वपूर्ण इंटरसिटी ट्रेनों के ठहराव की मांग की गई।
- थिरुन्नल्लार के लिए सीधी ट्रेन सेवा की मांग, जिससे राजस्व में वृद्धि की संभावना है।
कोयंबटूर जिले के छात्रों, कर्मचारियों और व्यापारियों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए, पोल्लची संसदीय क्षेत्र के सांसद के. ईश्वरसामी ने केंद्र सरकार के समक्ष एक महत्वपूर्ण मांग रखी है। उन्होंने हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक ज्ञापन सौंपकर स्वतंत्रता-पूर्व युग में संचालित होने वाली ऐतिहासिक ट्रेन सेवाओं को फिर से बहाल करने का आग्रह किया है।
सांसद ने विशेष रूप से कोयंबटूर/मेट्टुपलायम - रामेश्वरम एक्सप्रेस (जो 1928 में ट्रेन नंबर 165/166 के रूप में संचालित थी) को पोडनूर, किनाथुकडुवु, पोल्लची और पलानी के माध्यम से फिर से शुरू करने की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने 1928 से संचालित कोयंबटूर-थूथुकुडी फास्ट-पैसेंजर डे ट्रेन को भी पुनर्जीवित करने का सुझाव दिया है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इन ऐतिहासिक मार्गों को बहाल करने से न केवल यात्रियों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, बल्कि यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी एक नई दिशा देगा। पुराने रेल मार्गों का पुनरुद्धार यात्रियों के लिए यात्रा के समय को कम करने और भीड़भाड़ वाले मौजूदा मार्गों पर दबाव कम करने में सहायक होगा।
ऐतिहासिक रेल मार्गों की बहाली केवल यादों को ताजा करना नहीं है, बल्कि यह आधुनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूती देने का एक रणनीतिक कदम है।
ज्ञापन में पोडनूर जंक्शन पर कोयंबटूर-मंगलुरु इंटरसिटी एक्सप्रेस और एर्नाकुलम-बेंगलुरु इंटरसिटी एक्सप्रेस जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर ठहराव की मांग भी की गई है। साथ ही, ताम्बरम-पोडनूर जंक्शन स्पेशल एक्सप्रेस को स्थायी रूप से शुरू करने और बेंगलुरु-कोयंबटूर उदय एक्सप्रेस का विस्तार पलक्कड़ तक करने का प्रस्ताव दिया गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारतीय रेलवे का इतिहास अत्यंत समृद्ध है, और कई महत्वपूर्ण रेल मार्ग ब्रिटिश काल के दौरान स्थापित किए गए थे। ये मार्ग उस समय के व्यापारिक और सामाजिक जीवन की रीढ़ थे। पोल्लची और आसपास के क्षेत्रों में इन सेवाओं का बंद होना स्थानीय कनेक्टिविटी के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: सांसद ने किन प्रमुख ट्रेनों की मांग की है?
उत्तर: सांसद ने कोयंबटूर-रामेश्वरम एक्सप्रेस और कोयंबटूर-थूथुकुडी फास्ट-पैसेंजर जैसी ऐतिहासिक ट्रेनों की बहाली की मांग की है।
प्रश्न 2: इस मांग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य छात्रों, व्यापारियों और यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना और रेलवे के राजस्व में वृद्धि करना है।