कोल्लम में राष्ट्रीय राजमार्ग 66 के विस्तार कार्य में तकनीकी विफलताओं और संरचनात्मक सुरक्षा चिंताओं के कारण बड़ी देरी हुई है। अब महत्वपूर्ण खंडों के पूरा होने की समय सीमा को बढ़ाकर 2027 कर दिया गया है।
मुख्य बातें
- NH 66 विस्तार की समय सीमा अब दिसंबर 2027 तक बढ़ा दी गई है।
- मैलक्कडू में दीवार गिरने के बाद अब वहां वायाडक्ट बनाने का निर्णय लिया गया है।
- IIT दिल्ली और IIT पलक्कड़ के विशेषज्ञ सुरक्षा की जांच कर रहे हैं।
केरल के कोल्लम में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) 66 के विस्तार का काम बड़ी बाधाओं, तकनीकी समस्याओं और सुरक्षा चिंताओं के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लगभग 63 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की समय सीमा में अब भारी बदलाव किया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कोट्टनकुलांगरा-कोल्लम बाईपास खंड की समय सीमा अक्टूबर 2024 से बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2027 कर दी गई है। इसी तरह, बाईपास से कदम्बट्टुकोनम तक के हिस्से के लिए भी समय सीमा मार्च 2025 से बढ़ाकर 30 जून, 2027 कर दी गई है। पहले इस साल के अंत तक काम पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में इस तरह की देरी न केवल आर्थिक बोझ बढ़ाती है, बल्कि क्षेत्र के लॉजिस्टिक और विकास को भी बाधित करती है। मयक्कडू में हुई संरचनात्मक विफलता ने पूरे प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मैलक्कडू में RE वॉल का ढहना एक गंभीर इंजीनियरिंग विफलता थी, जिसके बाद अब विशेषज्ञों की निगरानी में नए सिरे से डिजाइन तैयार किए जा रहे हैं।
इस देरी का एक मुख्य कारण 5 दिसंबर को हुआ संरचनात्मक पतन था, जब मयक्कडू में एक सुदृढ़ पृथ्वी (RE) दीवार ढह गई थी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में पुष्टि की है कि IIT दिल्ली और IIT पलक्कड़ के विशेषज्ञों की एक समिति सभी मिट्टी के तटबंधों की सुरक्षा का मूल्यांकन कर रही है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
NH 66 भारत के पश्चिमी तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण राजमार्ग है। केरल में इसके चौड़ीकरण का उद्देश्य यातायात के दबाव को कम करना और कनेक्टिविटी सुधारना है, लेकिन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और तकनीकी चुनौतियों ने इसे एक चुनौतीपूर्ण कार्य बना दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: NH 66 विस्तार में देरी का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: मुख्य कारणों में मयक्कडू में दीवार का ढहना, तकनीकी सुरक्षा चिंताएं और मिट्टी के परीक्षण की आवश्यकता शामिल है।
प्रश्न 2: अब प्रोजेक्ट कब तक पूरा होने की उम्मीद है?
उत्तर: संशोधित समय सीमा के अनुसार, प्रमुख खंडों के 2027 के मध्य तक पूरा होने की संभावना है।