NHAI ने वेल्लोर में चेन्नई-बेंगलुरु हाईवे पर एक महत्वपूर्ण ₹21 करोड़ के अंडरपास का उद्घाटन किया है, जो दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) को खत्म करने में मदद करेगा।
मुख्य बातें
- वेल्लोर के कदनेरी गाँव में ₹21 करोड़ की लागत से बना नया अंडरपास शुरू हुआ।
- यह चेन्नई-बेंगलुरु हाईवे (NH 48) पर एक प्रमुख दुर्घटना संभावित क्षेत्र (ब्लैक स्पॉट) को समाप्त करेगा।
- अंडरपास की ऊंचाई 5.5 मीटर और चौड़ाई 20 मीटर है।
- यह स्थानीय किसानों और एम्बुलेंस सेवाओं के लिए सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने शनिवार को वेल्लोर जिले में पल्ल कोंडा टोल प्लाजा के पास कदनेरी गाँव में ₹21 करोड़ की लागत से निर्मित नए वाहन अंडरपास को जनता के लिए खोल दिया है। यह अंडरपास चेन्नई-बेंगलुरु हाईवे (NH 48) पर स्थित है और यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा साबित होगा।
यह नया अंडरपास उस खंड पर पहचाने गए अंतिम 'ब्लैक स्पॉट' (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) में से एक था। NHAI अधिकारियों के अनुसार, यह बुनियादी ढांचा न केवल वाहनों के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्थानीय डेयरी किसानों जैसे पैदल यात्रियों को भी हाईवे पार करने के लिए एक सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, आपातकालीन एम्बुलेंस भी इस मार्ग का उपयोग करके समय पर पीड़ितों तक पहुँच सकेंगी।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि राजमार्गों पर 'ब्लैक स्पॉट्स' का उन्मूलन सड़क सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। रानीपेट के वालाजा टोल गेट से कृष्णागिरी तक के 148 किमी के खंड में कुल 13 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की गई थी, जिनमें से 5 वेल्लोर जिले में थे। कदनेरी में इस नए अंडरपास के खुलने के साथ ही वेल्लोर में दुर्घटना की संभावना वाले सभी प्रमुख बिंदुओं को सुरक्षित बना दिया गया है।
सुरक्षित सड़क बुनियादी ढांचा न केवल यात्रा के समय को कम करता है, बल्कि अनमोल जीवन बचाने में भी निर्णायक भूमिका निभाता है।
तकनीकी विवरणों की बात करें तो, यह अंडरपास 5.5 मीटर ऊंचा और 20 मीटर चौड़ा है, जो दोपहिया वाहनों, कारों और वैन के लिए पर्याप्त स्थान प्रदान करता है। इसके ऊपर बना एलिवेटेड कॉरिडोर लगभग 800 मीटर लंबा है। स्थानीय नागरिकों ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए रात के समय एलईडी लाइटों और रिफ्लेक्टरों की मांग की है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
चेन्नई-बेंगलुरु हाईवे भारत के सबसे व्यस्त आर्थिक गलियारों में से एक है। पिछले कुछ वर्षों में, बढ़ते यातायात के कारण इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की घटनाओं में वृद्धि देखी गई थी, जिसके बाद NHAI ने विभिन्न स्थानों पर अंडरपास और ओवरपास के निर्माण की योजना बनाई थी ताकि स्थानीय पहुंच और राजमार्ग यातायात के बीच संघर्ष को कम किया जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. यह अंडरपास किस हाईवे पर बनाया गया है?
यह चेन्नई-बेंगलुरु हाईवे (NH 48) पर वेल्लोर के पास बनाया गया है।
2. इस परियोजना की कुल लागत क्या थी?
इस अंडरपास के निर्माण में लगभग ₹21 करोड़ का खर्च आया है।