तमिलनाडु में एंटी-नीट फेडरेशन के चार सदस्यों ने NEET परीक्षा को पूरी तरह समाप्त करने की मांग करते हुए कोयंबेडु में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि चिकित्सा प्रवेश के लिए 12वीं बोर्ड के अंकों को आधार बनाया जाए।

मुख्य बातें

  • एंटी-नीट फेडरेशन के चार सदस्य कोयंबेडु के तिरुवल्लुवर इल्लम में उपवास पर हैं।
  • प्रदर्शनकारी NEET को समाप्त कर 12वीं बोर्ड के अंकों के आधार पर मेडिकल प्रवेश की मांग कर रहे हैं।
  • फेडरेशन शिक्षा को 'राज्य सूची' में स्थानांतरित करने की भी मांग कर रहा है।

तमिलनाडु के एंटी-नीट फेडरेशन के चार सदस्यों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को तत्काल समाप्त करने की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। कोयंबेडु स्थित तिरुवल्लुवर इल्लम में शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अब अपने चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है।

प्रदर्शनकारियों की पहचान रवि, मोहन, जीवा और धनसेकर के रूप में हुई है। फेडरेशन का तर्क है कि NEET प्रणाली छात्रों के लिए बाधा बन रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंकों को ही आधार बनाया जाना चाहिए।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि NEET को लेकर तमिलनाडु में विरोध का स्वर लगातार तेज हो रहा है। यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि शिक्षा के अधिकार और राज्यों की स्वायत्तता का संघर्ष है। फेडरेशन का कहना है कि शिक्षा को 'राज्य सूची' में वापस लाकर राज्यों को अपने प्रवेश मानक निर्धारित करने की शक्ति मिलनी चाहिए।

शिक्षा के विकेंद्रीकरण और बोर्ड परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करना ही चिकित्सा शिक्षा में न्याय सुनिश्चित करने का एकमात्र रास्ता है।

इस आंदोलन के पीछे एक गहरा व्यक्तिगत दर्द भी जुड़ा है। फेडरेशन के समन्वयक, एस. ए. मणिरत्नम, अपनी बहन अनीता की याद में यह संघर्ष कर रहे हैं, जिन्होंने 2017 में NEET के कारण एमबीबीएस में प्रवेश न मिल पाने के कारण आत्महत्या कर ली थी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

तमिलनाडु में NEET का विरोध लंबे समय से जारी है। राज्य सरकार और विभिन्न छात्र संगठन लगातार इस परीक्षा को हटाने की मांग करते रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि यह ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए असमान अवसर पैदा करती है।

क्या आप जानते हैं?: तमिलनाडु में चिकित्सा प्रवेश के लिए राज्य बोर्ड परीक्षाओं को प्राथमिकता देने के लिए लंबे समय से कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ी जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. एंटी-नीट फेडरेशन की मुख्य मांग क्या है?
मुख्य मांग NEET को पूरी तरह समाप्त करना और 12वीं बोर्ड के अंकों के आधार पर चिकित्सा प्रवेश देना है।

2. यह विरोध कहाँ हो रहा है?
यह विरोध चेन्नई के कोयंबेडु में तिरुवल्लुवर इल्लम में हो रहा है।