भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने वेल्लोर में चेन्नई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) की पुननिर्मित कंक्रीट सर्विस लेन को जनता के लिए खोल दिया है। यह नया निर्माण मानसून के दौरान जलभराव और सड़क की क्षति की समस्या को हल करेगा।
मुख्य बातें
- NHAI ने वेल्लोर के पुत्तुथक्कु गांव के पास सर्विस लेन को फिर से खोला।
- सड़क को बिटुमेन के बजाय सीमेंट कंक्रीट से बनाया गया है ताकि बारिश में पानी न भरे।
- यह सर्विस लेन CMC अस्पताल जाने वाले एम्बुलेंस और स्थानीय किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बुधवार को पुत्तुथक्कु गांव में क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC) के पास चेन्नई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) की सर्विस लेन को सार्वजनिक उपयोग के लिए खोल दिया है। यह निर्णय मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए लिया गया है।
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 के मानसून के दौरान, पुत्तुथक्कु गांव के पास छोड़े गए खदानों से आने वाले अत्यधिक बारिश के पानी के कारण बिटुमेन (डामर) वाली सड़क बह गई थी। इसके परिणामस्वरूप सड़क पर बड़े गड्ढे हो गए थे, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ था। NHAI ने अब इस समस्या के समाधान के लिए सड़क को सीमेंट कंक्रीट से पुनर्गठित किया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह बुनियादी ढांचागत सुधार केवल सड़क निर्माण नहीं है, बल्कि स्थानीय जीवन रेखा को बहाल करना है। सर्विस लेन की लंबाई 300 मीटर और चौड़ाई 20 फीट है, जो बसों के सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त है। कंक्रीट का उपयोग यह सुनिश्चित करेगा कि भारी बारिश के दौरान पानी पास के नहरों और झीलों में आसानी से निकल जाए, जिससे सड़क को नुकसान नहीं होगा।
कंक्रीट की यह नई सड़क मानसून के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक स्वागत योग्य कदम है।
इस मार्ग का उपयोग न केवल यात्री वाहन, बल्कि सरकारी बसें, ऑटो-रिक्शा और ट्रैक्टर भी करते हैं। विशेष रूप से, प्रतिदिन लगभग 8-10 एम्बुलेंस इस मार्ग का उपयोग CMC और सरकारी अस्पतालों तक पहुंचने के लिए करती हैं। पहले गड्ढों के कारण मरीजों को ले जाना बेहद चुनौतीपूर्ण था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले वर्ष की भारी बारिश ने NH-48 के इस हिस्से को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया था। हालांकि कुछ समय के लिए पैचवर्क किया गया था, लेकिन स्थायी समाधान के रूप में कंक्रीट निर्माण का निर्णय लिया गया, जिसका काम विधानसभा चुनावों के बाद अप्रैल में शुरू हुआ था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. यह सर्विस लेन कहाँ स्थित है?
यह वेल्लोर में पुत्तुथक्कु गांव के पास चेन्नई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर स्थित है।
2. कंक्रीट का उपयोग क्यों किया गया?
ताकि बारिश का पानी जमा न हो और सड़क बिटुमेन की तरह बह न जाए।