आंध्र प्रदेश के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर के क्वांटम कंप्यूटिंग कोर्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 स्वर्ण और 14 रजत पदक जीते हैं। इस उपलब्धि के बाद कई छात्रों को बड़ी टेक कंपनियों में नौकरियां भी मिल गई हैं।

  • आंध्र प्रदेश के छात्रों ने NPTEL के 'क्वांटम एल्गोरिदम और किस्किट' कोर्स में 4 स्वर्ण और 14 रजत पदक जीते।
  • छह पदक विजेताओं को क्वांटम कंप्यूटिंग कंपनियों में नौकरी मिल चुकी है, जिनमें से तीन मेडा टावर्स स्थित कंपनी में कार्यरत हैं।
  • AP से 1.04 लाख से अधिक आवेदन आए, जो लगभग पूरे देश के बाकी हिस्सों के बराबर है।

राज्य के तकनीकी परिदृश्य में एक बड़ी छलांग लगाते हुए, आंध्र प्रदेश के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर के क्वांटम कंप्यूटिंग कोर्स में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। यह प्रमाणन कोर्स “क्वांटम एल्गोरिदम और किस्किट” (Quantum Algorithms and Qiskit) था, जिसे नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी एनहांस्ड लर्निंग (NPTEL) द्वारा IITs और IISc के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को सचिवालय में इन मेधावी छात्रों से मुलाकात की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार आंध्र प्रदेश को उभरती प्रौद्योगिकियों का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कोर्स का संचालन IIT मद्रास और IBM रिसर्च के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में किया गया था।

आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य में इस विषय के प्रति जबरदस्त उत्साह है। आंध्र प्रदेश से 1,04,220 आवेदन प्राप्त हुए, जो देश के बाकी हिस्सों से आए 1,04,565 आवेदनों के लगभग बराबर हैं। इसके अलावा, परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों की संख्या भी AP में कहीं अधिक थी—यहाँ 19,000 उम्मीदवार शामिल हुए, जबकि अन्य राज्यों से केवल 11,000 उम्मीदवार ही परीक्षा में बैठे।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक शैक्षणिक जीत नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक आर्थिक बदलाव है। IBM रिसर्च और IITs की जरूरतों के साथ शिक्षा को जोड़कर, आंध्र प्रदेश अपने युवाओं को 'क्वांटम युग' के लिए तैयार कर रहा है। छह पदक विजेताओं को तत्काल रोजगार मिलना यह दर्शाता है कि विशेष प्रमाणन और उच्च वेतन वाली नौकरियों के बीच की दूरी कम हो रही है।

क्वांटम कंप्यूटिंग गणना की अगली सीमा है; एक लाख पेशेवरों को तैयार करने का AP का लक्ष्य डिजिटल संप्रभुता की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है।

प्रदर्शन की बात करें तो राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ नॉलेज टेक्नोलॉजीज (RGUKT), नुज़विड के छात्रों ने 14 रजत पदकों में से सात पदक अपने नाम किए। स्वर्ण पदक जीतने वालों में विशाखापट्टनम की सी. रामा सौजन्या, विजयवाड़ा की टी. सौम्या श्री, पश्चिम गोदावरी के अनिल श्रीनिवास और राजमहेंद्रवरम के यशवंत शामिल हैं।

मापदंड आंध्र प्रदेश शेष भारत
कुल आवेदन 1,04,220 1,04,565
परीक्षा में शामिल 19,000 11,000
योग्य उम्मीदवार 2,839 2,700
स्वर्ण पदक 4 4

भविष्य की योजना के तहत, मुख्यमंत्री ने आंध्र प्रदेश में एक लाख क्वांटम कंप्यूटिंग पेशेवरों को तैयार करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस पहल का उद्देश्य राज्य में अधिक अनुसंधान-आधारित कंपनियों को आकर्षित करना और मेडा टावर्स जैसे केंद्रों पर नवाचार के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।

क्या आप जानते हैं?: क्वांटम कंप्यूटर पारंपरिक बिट्स के बजाय 'क्यूबिट्स' (qubits) का उपयोग करते हैं, जिससे वे आज के सबसे शक्तिशाली सुपर कंप्यूटरों की तुलना में लाखों गुना तेजी से जटिल गणनाएं कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्वांटम कंप्यूटिंग कोर्स का मार्गदर्शन किन संस्थानों ने किया?
यह कोर्स NPTEL द्वारा आयोजित किया गया था और इसका मार्गदर्शन IIT मद्रास और IBM रिसर्च के विशेषज्ञों ने किया था।

प्रश्न 2: AP के कितने छात्रों को पहले ही नौकरी मिल चुकी है?
कम से कम छह पदक विजेताओं ने क्वांटम कंप्यूटिंग कंपनियों में रोजगार सुरक्षित कर लिया है।