आंध्र प्रदेश सरकार ने एमएलसी कोनिडेला नागेंद्र राव को कैबिनेट रैंक के साथ एपी-ग्रीन (AP-GREEN) का अध्यक्ष नियुक्त किया है, जिसका लक्ष्य 2047 तक राज्य के वन क्षेत्र को 50% तक बढ़ाना है।

  • एमएलसी कोनिडेला नागेंद्र राव (नागबाबू) को एपी-ग्रीन कार्यकारी समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
  • इस पद को कैबिनेट रैंक प्रदान की गई है, जो पर्यावरण के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
  • मुख्य लक्ष्य 2047 तक आंध्र प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र के 50% हिस्से को वन और वृक्ष आवरण में बदलना है।

पारिस्थितिक स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, आंध्र प्रदेश सरकार ने सोमवार, 17 अगस्त, 2026 को एमएलसी कोनिडेला नागेंद्र राव, जिन्हें नागबाबू के नाम से जाना जाता है, को आंध्र प्रदेश सोसाइटी फॉर ग्रीनिंग एंड रिफॉरेस्टेशन फॉर इकोलॉजिकल एनरिचमेंट (AP-GREEN) की कार्यकारी समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया है। इस नियुक्ति को कैबिनेट रैंक प्रदान की गई है।

सरकारी आदेश (G.O.RT. No. 93) के अनुसार, यह नियुक्ति एपी-ग्रीन के गवर्निंग बोर्ड और उसकी कार्यकारी समिति के गठन के बाद की गई है। इस ढांचे में जिला हरित विकास एजेंसियों (DGDAs) के शासी निकाय भी शामिल हैं, जिन्हें राज्य भर में विभिन्न पुनर्वनीकरण परियोजनाओं को लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

2047 का विजन

एपी-ग्रीन का व्यापक उद्देश्य एक अत्यंत महत्वाकांक्षी पर्यावरणीय लक्ष्य है: वर्ष 2047 तक आंध्र प्रदेश के कुल भौगोलिक क्षेत्र के 50% हिस्से को वन और वृक्ष आवरण में बढ़ाना। यह पहल 'विकसित आंध्र प्रदेश-2047' विजन का एक मुख्य स्तंभ है, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से लड़ना और जैव विविधता को बहाल करना है।

अध्यक्ष के रूप में, श्री नागेंद्र राव का मुख्य कार्य एपी-ग्रीन और डीडीजीए (DGDAs) की गतिविधियों के बीच प्रभावी समन्वय, कार्यान्वयन और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करना होगा। उनकी नेतृत्व क्षमता नीति निर्धारण और जमीनी स्तर के कार्यान्वयन के बीच की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण होगी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि एपी-ग्रीन के अध्यक्ष को कैबिनेट रैंक देकर, राज्य सरकार यह संकेत दे रही है कि पर्यावरण बहाली अब केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि एक प्राथमिक राजनीतिक प्राथमिकता है। यह रणनीतिक कदम यह सुनिश्चित करेगा कि हरित पहल को नौकरशाही बाधाओं को दूर करने के लिए आवश्यक विधायी और वित्तीय शक्ति प्राप्त हो।

"पर्यावरण लक्ष्यों को कैबिनेट स्तर के पदानुक्रम में एकीकृत करना यह सुनिश्चित करने के लिए एक मास्टरस्ट्रोक है कि 2047 के पुनर्वनीकरण लक्ष्यों को जवाबदेही के साथ पूरा किया जाए।"

उपमुख्यमंत्री और पर्यावरण एवं वन मंत्री के. पवन कल्याण ने श्री नागेंद्र राव के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। एक संदेश में, उन्होंने नए अध्यक्ष को 'विकसित आंध्र प्रदेश-2047' विजन को प्राप्त करने में सफलता की शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि उनके मार्गदर्शन में पुनर्वनीकरण और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम वांछित परिणाम देंगे।

क्या आप जानते हैं?: अधिकांश वैश्विक पारिस्थितिक मानक पर्यावरणीय स्थिरता के लिए न्यूनतम 33% वन आवरण का सुझाव देते हैं; आंध्र प्रदेश का 50% का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मानकों से काफी अधिक महत्वाकांक्षी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: एपी-ग्रीन (AP-GREEN) का प्राथमिक लक्ष्य क्या है?
प्राथमिक लक्ष्य 2047 तक राज्य के भौगोलिक क्षेत्र के 50% हिस्से को वन और वृक्ष आवरण में बढ़ाना है।

प्रश्न 2: एपी-ग्रीन कार्यकारी समिति के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं?
एमएलसी कोनिडेला नागेंद्र राव (नागबाबू) को कैबिनेट रैंक के साथ अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।