कॉमनवेल्थ गेम्स में टेजस्विन शंकर को घुटने की चोट के कारण हाई जंप से बाहर होना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने साथी सरवेश कुशारे को रजत पदक जीतने में मार्गदर्शन किया। दोनों एथलीटों की भावना और संघर्ष इस जीत को और भी खास बनाते हैं।
मुख्य बिंदु
- टेजस्विन शंकर ने चोट के कारण प्रतियोगिता छोड़ दी
- कुशारे ने टेजस्विन की सलाह से रजत पदक जीता
- शंकर डेकैथलॉन में भाग लेने की आशा रखता है
ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स के हाई जंप इवेंट में टेजस्विन शंकर को शुरुआती प्रयास के बाद घुटने में तीव्र दर्द महसूस हुआ, जिससे वह प्रतियोगिता से बाहर हो गए। 27 वर्षीय एथलीट ने अपनी चोट का उल्लेख करते हुए कहा, "यह मेरे घुटने में टेंडनाइटिस की पुरानी समस्या का फ्लेयर‑अप था।"
परिणामस्वरूप शंकर ने केवल पहला प्रयास ही पूरा किया और फिर प्रतियोगिता छोड़नी पड़ी, जिससे दर्शकों और टीम के बीच बहुत भावनात्मक प्रतिक्रिया उत्पन्न हुई। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मैं एक साल में एक दिन भी दर्द‑मुक्त रहना चाहता हूँ, लेकिन यह दिन ही आया।"
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
टेजस्विन शंकर ने 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉंज पदक जीता था और भारत के हाई जंप में प्रमुख नाम बन चुके हैं। उनकी चोटें अक्सर टेंडनाइटिस से जुड़ी रहती हैं, जिसे "जम्पर का घुटना" भी कहा जाता है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि शंकर की टीम भावना और तत्काल सलाह कुशारे को रजत पदक तक पहुंचाने में निर्णायक रही, जिससे भारत की कुल पदक तालिका में सुधार हुआ।
"उच्च स्तर के एथलीटों के लिए टीम सहयोग अक्सर व्यक्तिगत सफलता से अधिक मायने रखता है," विशेषज्ञ डॉ. राजीव सिंह ने कहा।
टेजस्विन ने कहा कि वह अगले दो दिनों में पुनर्वास करेंगे और डेकैथलॉन में भाग लेने की आशा रखते हैं, क्योंकि पैटेलर टेंडन हाई जंप और लांग जंप दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या टेजस्विन शंकर डेकैथलॉन में प्रतिस्पर्धा करेंगे?
उत्तर: उन्होंने बताया कि वह दो दिनों में पुनर्वास कर डेकैथलॉन में भाग लेने की पूरी कोशिश करेंगे।
प्रश्न 2: सरवेश कुशारे ने रजत पदक कैसे जीता?
उत्तर: टेजस्विन की तकनीकी सलाह ने उन्हें अपनी रिदम बहाल करने और ऊँची छलांग लगाने में मदद की।