UNAM की पहली पूरी तरह रिमोट प्रवेश परीक्षा में टॉप स्कोर में पाँच गुना उछाल आया, जिससे 58,000 छात्रों को फिर से लिखना पड़ा। AI‑संचालित वेबकैम प्रॉctoring ने परीक्षा की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से प्रभावित किया।
मुख्य बिंदु
- लगभग 160,000 छात्रों ने रिमोट परीक्षा दी
- टॉप स्कोर 5 गुना बढ़ा (16.3% बनाम 3.5%)
- 58,000 छात्रों को परीक्षा दोबारा देनी पड़ी
मेक्सिको के सबसे बड़े विश्वविद्यालय UNAM ने इस गर्मियों में पहली बार पूरी तरह से रिमोट प्रवेश परीक्षा आयोजित की। उम्मीदवारों को लॉकडाउन ब्राउज़र और AI‑संचालित वेबकैम प्रॉctoring सॉफ्टवेयर के माध्यम से कई हफ्तों में परीक्षा देनी पड़ी।
परिणाम आने पर पता चला कि स्कोरिंग में अभूतपूर्व विसंगति थी। 2021‑2025 में केवल 3.5% छात्रों ने 120‑प्रश्नों में 100 या अधिक अंक प्राप्त किए थे, जबकि इस वर्ष यह प्रतिशत 16.3% तक पहुँच गया। यह 5‑गुना वृद्धि परीक्षा की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
UNAM ने 1551 में स्थापना के बाद से लाखों छात्रों को शिक्षा दी है और हमेशा पारंपरिक लिखित परीक्षा के माध्यम से प्रवेश दिया है। 2024 में डिजिटल परिवर्तन के प्रयास के तहत AI‑प्रॉctoring को अपनाया गया, लेकिन तकनीकी बग और निगरानी में कमी ने इस प्रयोग को विफल बना दिया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के AI‑आधारित प्रॉctoring प्रणाली शैक्षणिक अखंडता को खतरे में डाल सकती है, जिससे भविष्य में समान डिजिटल परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है।
"AI‑प्रॉctoring ने परीक्षा के मानकों को जोखिम में डाल दिया," डॉ. आना मार्टिनेज, शैक्षणिक मूल्यांकन विशेषज्ञ ने कहा।
| वर्ष | टॉप स्कोर 100+ (%) |
|---|---|
| 2021‑2023 औसत | 3.5% |
| 2024 | 16.3% |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: AI‑प्रॉctoring टूल क्यों असफल रहे?
उत्तर: सॉफ़्टवेयर की पहचान त्रुटियाँ, नेटवर्क लैटेंसी और छात्र‑प्रोटोकॉल का पालन न करना मुख्य कारण थे।
प्रश्न 2: UNAM अगली परीक्षा के लिए क्या कदम उठा रहा है?
उत्तर: विश्वविद्यालय अतिरिक्त मानव मॉनिटरिंग, सॉफ़्टवेयर अपडेट और वैकल्पिक हाइब्रिड मॉडल पर विचार कर रहा है।