राष्ट्रपति चुनाव की तिथि अभी तक तय नहीं हुई है। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची तैयार करने के लिए संसद सचिवालय से आधिकारिक अनुरोध किया है। साथ ही पंजीकृत राजनीतिक दलों की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की स्थिति भी उजागर की गई।

Key Takeaways

  • राष्ट्रपति चुनाव की तिथि अभी तय नहीं हुई
  • इलेक्ट्रॉनिक कमीशन ने संसद सचिवालय से मतदाता सूची का अनुरोध किया
  • 59 पंजीकृत दलों में से 38 ने वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट जमा की

इलेक्ट्रॉनिक कमीशन का बयान

राष्ट्रपति चुनाव की तिथि या शेड्यूल अभी तक निर्धारित नहीं हुआ है, इस बात को आज दोपहर राजधानी के আগারগাঁও स्थित चुनाव भवन में ईसी सचिव अख़्तर अहमद ने मीडिया को बताया। उन्होंने कहा, “हमने मतदाता सूची के लिये संसद सचिवालय से अनुरोध किया है, और सूची मिलने के बाद ही तिथि तय की जाएगी।”

वित्तीय रिपोर्टिंग की स्थिति

गणप्रतिनिधित्व आदेश के अनुसार, पंजीकृत राजनीतिक दलों को हर वर्ष 31 जुलाई तक पिछले वर्ष की आय‑व्यय रिपोर्ट जमा करनी होती है। ईसी सचिव ने बताया कि देश में 60 पंजीकृत दल हैं, जिसमें एक का पंजीकरण निलंबित है। शेष 59 में से 38 ने समय पर ऑडिट रिपोर्ट जमा कर दी है।

समय सीमा का विस्तार

13 दलों ने रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा बढ़ाने के लिए ईसी से अनुरोध किया, जबकि 8 दलों ने कोई आवेदन नहीं किया, जिससे उनका जवाब न देने का संकेत मिलता है। सचिव ने कहा, “जिन दलों ने विस्तार का अनुरोध किया है, उन्हें आयोग द्वारा अतिरिक्त समय दिया जाएगा, जबकि जिन्होंने नहीं दिया, उन्हें कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा।”

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि राष्ट्रपति चुनाव की अनिश्चित तिथि राजनीतिक अस्थिरता और गठबंधन रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है, विशेषकर जब अधिकांश दलों की वित्तीय पारदर्शिता अभी भी अनियमित है।

"राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी में देरी से राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में अनिश्चितता बढ़ेगी," कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक प्रो. रजत सिंह।
Did You Know?: 2024 में पहले राष्ट्रपति चुनाव का शेड्यूल 2025 में निर्धारित किया गया था, लेकिन फिर भी कई कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: राष्ट्रपति चुनाव की नई तिथि कब तय होगी?
उत्तर: मतदाता सूची प्राप्त होने के बाद चुनाव आयोग द्वारा तिथि घोषित की जाएगी।

प्रश्न 2: कौन से दलों ने रिपोर्ट जमा करने में विलंब किया है?
उत्तर: आठ दलों ने समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध नहीं किया, जिससे उनका अनुपालन नहीं माना जाएगा।