केन्द्रीय सरकार द्वारा स्वीकृत 277 करोड़ रुपये के 11 किमी ट्रैक डबलिंग प्रोजेक्ट के लिए मिट्टी परीक्षण पूरा हो गया है। इस परियोजना से गति, माल क्षमता और सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा।

मुख्य बिंदु

  • पोडनूर‑इरुगुर सेक्शन में मिट्टी परीक्षण पूरा
  • ₹277 करोड़ के साथ 11 किमी ट्रैक डबलिंग योजना
  • दैनिक 15 अतिरिक्त यात्रियों की ट्रेनें चलेंगी

केन्द्रीय सरकार ने इस साल की शुरुआत में 277 करोड़ रुपये आवंटित कर पोडनूर‑इरुगुर सेक्शन में 11 किमी का द्वितीय ट्रैक बनाने की मंजूरी दी। इस योजना के तहत पहले से मौजूद ट्रैक के साथ एक नई पटरि बिछाने के लिए विस्तृत भूवैज्ञानिक परीक्षण किए गए हैं।

परियोजना के प्रमुख लाभ

डबलिंग से ट्रेनों की गति बढ़ेगी, माल परिवहन क्षमता में 3.12 मिलियन टन वार्षिक वृद्धि होगी और सुरक्षा मानकों में सुधार होगा। इसके अलावा, इस सेक्शन की लाइन क्षमता 2027‑28 तक 60% से 131% तक बढ़ने की उम्मीद है, जिससे कोइंबटोरे औद्योगिक हब को बड़ा फायदा मिलेगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

चेंनी‑त्रिवेंद्रम मार्ग का यह हिस्सा पहले से ही कई क्वाड्रुप्लिकेशन परियोजनाओं से गुजर चुका है। पिछले दशकों में इस कड़ी को चार पटरियों तक विस्तारित करने का लक्ष्य रेलवे मंत्रालय ने रखा था, जिससे सम्पूर्ण चेन्नई‑कोइंबटोरे‑पोडनूर बेल्ट एक हाई‑कैपेसिटी कॉरिडोर बन सके।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the enhanced capacity will attract new freight contracts and stimulate regional economic growth, positioning Coimbatore as a logistics hub in South India.

"डबलिंग परियोजना न केवल यात्रा समय घटाएगी, बल्कि भारत में रेलवे नेटवर्क की प्रतिस्पर्धात्मकता को भी बढ़ाएगी," कहा रेलवे विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार ने।
Did You Know?: पिछले वर्ष पोडनूर में चार पटरियों वाली पहली सेक्शन का उद्घाटन हुआ था, जिससे रेलगाड़ी की आवृत्ति में 30% वृद्धि हुई।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इस द्वितीय पटरि से कौन सी नई ट्रेनें चलेंगी?

उत्तर: योजना के अनुसार, अतिरिक्त 15 यात्रियों की ट्रेनें दैनिक चलेंगी, जो कोइंबटोरे‑चेन्नई और उत्तर दिशा के शहरों को जोड़ेंगी।

प्रश्न 2: परियोजना कब तक पूरी होगी?

उत्तर: उम्मीद है कि 2027‑28 के भीतर सभी निर्माण कार्य समाप्त हो जाएंगे।