भारत के स्वतंत्रता दिवस 2026 पर गृह मंत्रालय ने 1,057 पुलिस, फायर, गृह गार्ड और सुधार सेवा कर्मियों को शौर्य और सेवा पदकों से सम्मानित किया। इनमें 197 पुरस्कार बाएँ पंखी उग्रवादी प्रभावित क्षेत्रों के कर्मियों को मिले।
मुख्य बिंदु
- 1,057 कर्मियों को शौर्य और सेवा पदक प्रदान किए गए
- 197 पुरस्कार बाएँ पंखी उग्रवादी प्रभावित क्षेत्रों से
- प्रेसिडेंट मेडल का अधिकांश हिस्सा पुलिस में
शौर्य पदक का वितरण
गृह मंत्रालय ने 14 अगस्त को 301 शौर्य पदकों (GM) का आवंटन किया, जिसमें 272 पुलिस कर्मियों और 29 फायर सर्विस कर्मियों को सम्मानित किया गया। शौर्य पदक जीवन और संपत्ति की रक्षा, अपराध रोकथाम या अपराधियों की गिरफ्तारी में उल्लेखनीय साहस के लिए दिया जाता है।
क्षेत्रीय वितरण
इन शौर्य पदकों में से 197 बाएँ पंखी उग्रवादी प्रभावित क्षेत्रों, 51 जम्मू एवं कश्मीर, और 12 उत्तरपूर्वी राज्यों के कर्मियों को मिले। शेष 41 विभिन्न क्षेत्रों से आए।
सेवा पदक का आवंटन
92 राष्ट्रपति मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस (PSM) प्रदान किए गए, जिनमें 83 पुलिस, 4 फायर, 3 सिविल डिफेंस एवं गृह गार्ड, तथा 2 सुधार सेवाओं को मिले। इसके अतिरिक्त 664 मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (MSM) जारी किए गए, जिसमें 606 पुलिस, 28 फायर, 18 सिविल डिफेंस एवं गृह गार्ड, और 12 सुधार सेवा शामिल हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि इन पुरस्कारों से राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की मनोबल में वृद्धि होगी और जनता के साथ विश्वास को सुदृढ़ किया जाएगा।
"इन पदकों का वितरण न केवल साहस का सम्मान करता है, बल्कि सुरक्षा कर्मियों के समर्पण को भी उजागर करता है"— सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अंजलि मेहरा।
Frequently Asked Questions
Q1: शौर्य पदक किसके लिए दिया जाता है?
A: यह जीवन, संपत्ति की रक्षा या अपराधियों की गिरफ्तारी में उल्लेखनीय साहस के लिए दिया जाता है।
Q2: कितने पुलिस कर्मियों को राष्ट्रपति मेडल मिला?
A: कुल 83 पुलिस कर्मियों को राष्ट्रपति मेडल फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस मिला।