तेहरान के इस्लामिक आज़ाद विश्वविद्यालय में अंडरवियर में दिखी छात्रा अहु दरयाई के विरोध के बाद उसे हिरासत, दमन और मानसिक रोगी घोषित किया गया। अब 32 साल की वह नई पढ़ाई कर रही है, लेकिन उसके जीवन में कई दुविधाएँ बनी हुई हैं।

मुख्य बिंदु

  • नवंबर 2024 में अहु दरयाई ने अंडरवियर में विरोध किया
  • सुरक्षा बल ने उसे जबरन हिरासत में लिया और यातना दी
  • अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने उसकी रिहाई की मांग की

विरोध की शुरुआत

2 नवंबर 2024 को ईरान की राजधानी तेहरान के इस्लामिक आज़ाद विश्वविद्यालय के कैंपस में अहु दरयाई नाम की एक छात्रा केवल अंडरवियर में दिखाई दी। यह कार्रवाई महिलाओं के वस्त्र संबंधी प्रतिबंधों के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध था, जिसकी तस्वीरें और वीडियो तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

हिरासत और दमन

वीडियो के प्रसारण के कुछ ही घंटों में विश्वविद्यालय की सुरक्षा टीम ने अहु को पकड़ लिया। उसके मित्रों के अनुसार, सुरक्षा कर्मियों ने उसे एक विशेष दंड कक्ष में ले जाकर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया। अहु ने खुद अपने कपड़े उतार कर फिर से अंडरवियर में घूमते हुए विरोध जारी रखा, जिसके बाद उसे एक वैन में डालकर ले जाया गया।

हस्पताल में गिरफ़्तारी और स्वास्थ्य पर असर

वैन में अहु को महिला अधिकारी के पैर के बीच दबा दिया गया, जिससे उसे सांस लेने में दिक्कत हुई। वह खुद ही अधिकारी का हाथ काटकर बच निकला, पर फिर पुलिस ने उसे नशे में डालकर बेहोश कर दिया। अस्पताल में उसे कई बार इंजेक्शन दिए गए और उसे "मानसिक रूप से बीमार" कहा गया।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और समर्थन

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अहु की तुरंत और बिना शर्त रिहाई की मांग की। लंदन के संसद स्क्वायर में भी ईरानी कार्यकर्ताओं ने अंडरवियर और लाल कपड़े पहनकर उसका समर्थन किया। ईरान की सरकार ने घटना को कपड़े के नियमों से जोड़ने से इनकार किया, परंतु विश्वभर में इस मुद्दे पर चर्चा जारी रही।

वर्तमान स्थिति

हिरासत के 18 दिन बाद अहु को अस्पताल से रिहा किया गया, पर उसे निरंतर निगरानी, फोन टैप और एंटी‑साइकोटिक दवाओं के सेवन की हिदायत दी गई। अब वह 32 वर्ष की आयु में एक अलग विश्वविद्यालय में टेक्सटाइल्स की पढ़ाई कर रही है, लेकिन उसके परिवार को लगातार दवाओं को बंद करने पर फिर से मानसिक अस्पताल में भर्ती करने की धमकी मिलती रहती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से महिलाओं पर वस्त्र संबंधी कड़े नियम लागू किए गए हैं। पिछले वर्षों में कई बार समान विरोध आंदोलन हुए, लेकिन अहु की इस अंडरवियर में सार्वजनिक प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान को तीव्र किया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the Ahui Darai incident highlights the persistent clash between individual freedoms and state‑enforced dress codes in Iran, serving as a litmus test for future human‑rights advocacy worldwide.

"Such forced silencing of dissent not only violates personal liberty but also fuels deeper societal unrest," says Dr. Leila Hosseini, Human‑Rights Scholar.
क्या आप जानते हैं?: 2022 में ईरान में समान अंडरवियर विरोध ने सोशल मीडिया पर 10 मिलियन से अधिक व्यूज़ हासिल किए थे।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या अहु दरयाई को अब भी सरकारी निगरानी का सामना करना पड़ता है?

उत्तर: हाँ, उन्हें फोन टैप और नियमित मनोवैज्ञानिक जांच की सख़्त शर्तों के साथ रहने को कहा गया है।

प्रश्न 2: अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस मामले में क्या कदम उठाए?

उत्तर: कई मानवाधिकार संगठनों ने रिहाई की मांग की और कई देशों ने इस घटना पर सार्वजनिक बयान जारी किए।