यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) ने सितंबर में चार दिन का राष्ट्रीय स्ट्राइक घोषित किया है। 5‑दिन बैंकिंग और सरकार की नई PLI योजना को लेकर असंतोष है, और यदि समाधान नहीं हुआ तो अक्टूबर में अनिश्चितकालीन स्ट्राइक की चेतावनी भी दी गई है।

  • UFBU ने सितंबर में कुल चार दिन का राष्ट्रीय स्ट्राइक तय किया।
  • मुख्य मांगें: 5‑दिन बैंकिंग का कार्यान्वयन और PLI योजना का पुनरावलोकन।
  • यदि शर्तें नहीं मानी गईं तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन स्ट्राइक की संभावना।

नई दिल्ली (24 अगस्त) – यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) ने एक आधिकारिक परिपत्र जारी कर 11 सितंबर को एक दिवसीय राष्ट्रीय स्ट्राइक और 28‑30 सितंबर को तीन दिवसीय स्ट्राइक की घोषणा की। यह कार्रवाई सरकार की पाँच‑दिन बैंकिंग प्रस्ताव और नई परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को लेकर चल रहे विवाद के कारण है।

परिपत्र के अनुसार, यूनियनों ने कहा कि सरकार ने उनके प्रमुख दो मुद्दों को पर्याप्त रूप से नहीं सुना। पहला, 5‑दिन बैंकिंग का कार्यान्वयन, जिसे भारतीय बैंक एसोसिएशन (IBA) ने 8 मार्च 2024 को 12वें द्विपक्षीय समझौते में मान्यता दी थी, लेकिन दो साल से अधिक समय तक लागू नहीं किया गया। दूसरा, PLI योजना, जिसके तहत स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों को व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर 365 दिन तक का वेतन‑समान बोनस मिल सकता है, जबकि स्केल III और उससे नीचे के कर्मचारियों को अधिकतम 15 दिन ही मिलेंगे।

UFBU ने इस असमानता को “भेदभावपूर्ण” कहा और सरकार से अनुरोध किया है कि वह PLI योजना को वापस ले या उसे सभी वर्गों के लिए समान रूप से लागू करे। यूनियनों ने यह भी कहा है कि यदि इन मांगों को नहीं माना गया, तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन स्ट्राइक की संभावना है।

Historical Background

भारत में बैंकिंग कर्मचारियों की कार्यशैली पर बहस कई वर्षों से चल रही है। 2019 में पहली बार 5‑दिन बैंकिंग का प्रस्ताव लाया गया, लेकिन कई बैंक ने इसे लागू करने में हिचकिचाहट दिखाई। 2022 में सरकार ने PLI योजना पेश की, जिसका उद्देश्य बैंक के प्रदर्शन को बढ़ावा देना था, परन्तु श्रमिक वर्ग ने इसे व्यक्तिगत लाभ के लिए उपकरण माना।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that any prolonged disruption in banking services can ripple through the Indian economy, affecting everything from small business cash flows to large‑scale corporate transactions. A four‑day strike in September, coupled with the threat of an indefinite strike in October, puts pressure on the Ministry of Finance to negotiate swiftly.

"यदि सरकार तुरंत मध्यस्थता नहीं करती, तो यह कार्य दिवसों की कमी के कारण भारतीय वित्तीय प्रणाली में गंभीर व्यवधान पैदा कर सकता है," वित्तीय विश्लेषक अनीता शर्मा ने कहा।
Did You Know?: भारत के बैंकिंग सेक्टर में लगभग 8 लाख कर्मचारी हैं, जिनमें केवल 5% वरिष्ठ अधिकारियों का समूह है, लेकिन वे PLI योजना में 20 गुना अधिक लाभ पा सकते हैं।

Frequently Asked Questions

स्ट्राइक का मुख्य कारण क्या है? मुख्य कारण 5‑दिन बैंकिंग का कार्यान्वयन न होना और PLI योजना में असमानता।

स्ट्राइक से ग्राहकों को कौन‑सी कठिनाइयाँ हो सकती हैं? एटीएम बंद, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में देरी और ऋण व जमा सेवाओं में व्यवधान की संभावना है।