डबल ऑलिम्पिक मेडलिस्ट गोलकीपर पीआर स्रीजेश ने दोनों पुरुष और महिला हॉकी टीमों के प्रबंधन की कड़ी निंदा की। उन्होंने विश्व कप को केवल अभ्यास नहीं, बल्कि जीत का मंच बताया और जवाबदेही की माँग की।
- पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमें विश्व कप में सेमीफ़ाइनल तक नहीं पहुँच पाईं।
- पीआर स्रीजेश ने टीम प्रबंधन की रणनीति और तैयारी पर तीखा सवाल उठाया।
- जवाबदेही और जीत की दिशा में बदलाव की माँग की गई।
पीआर स्रीजेश, दो बार ओलंपिक पदक विजेता और भारत के वर्तमान पीआर, ने अपने ट्विटर (X) खाते पर क्लाउन इमोजी के साथ अभिव्यक्त किया कि "विश्व कप कोई रिहर्सल नहीं"। उनका यह बयान भारत के पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों के हालिया प्रदर्शन पर तीखा प्रश्न उठाता है।
पुरुष टीम ने द्वितीय दौर में अर्जेंटीना के खिलाफ 3-5 से हार कर सेमीफ़ाइनल की दौड़ से बाहर हो गई, जबकि महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध शून्य-शून्य ड्रॉ से भी अपनी जगह खो दी। दोनों परिणामों ने भारतीय हॉकी प्रेमियों को निराश किया।
स्रीजेश ने कहा, "एशियन गेम्स आ रहे हैं, वहाँ मेडल जीतें, फिर हम 2028 के लिए सपने देख सकते हैं। लेकिन क्या यह विश्व कप में हुई गलतियों को माफ़ कर देगा?" उन्होंने महिला टीम के मुख्य कोच के विश्व कप से ठीक पहले छुट्टी पर जाने को भी सवाल के घेरे में रखा।
उनका मुख्य बिंदु यह था कि "सीखने का अनुभव" या "अच्छा प्रदर्शन" जैसे शब्दों से बड़ी तस्वीर छुपाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। वह चाहते हैं कि टीम को सिर्फ अच्छा खेलना नहीं, बल्कि विश्व के सर्वश्रेष्ठ के खिलाफ जीतना सिखाया जाए।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the criticism from a respected Olympian like Sreejesh could trigger a systemic review of Indian hockey’s governance, potentially influencing funding, coaching appointments, and player development pathways ahead of the 2028 Los Angeles Olympics.
"यदि प्रबंधन जवाबदेह नहीं होगा, तो भारतीय हॉकी का भविष्य अनिश्चित रहेगा," कहा एक खेल विश्लेषक ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या स्रीजेश की आलोचना से कोचिंग स्टाफ में बदलाव होगा?
उत्तर: भारतीय हॉकी संघ ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, पर आलोचना ने चर्चा को तीव्र बना दिया है।
प्रश्न 2: एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी की संभावनाएं क्या हैं?
उत्तर: टीम ने अभी तक अपना फॉर्म नहीं दिखाया है, लेकिन यदि प्रबंधन सुधार करता है तो मेडल जीतने की उम्मीद है।