डेसि सप्पू मेला, जो कि दो दिन चल रहा था, मुसूर के ननजाराज बहादुर चौलटरी में समाप्त हुआ। किसान समूहों ने हड केोटे, कानकापुर, नागरहोल, कुंडगोल और केरल के वायनाड से जड़ी-बूटी और जंगली पत्तेदार सब्जियाँ लाकर आगंतुकों को आकर्षित किया।
- मुसूर में दो दिवसीय डेसि सप्पू मेला सफलतापूर्वक समाप्त हुआ।
- किसान समूहों ने जंगली और जड़ी-बूटी पत्तेदार सब्जियाँ प्रदर्शित कीं।
- भर्ती और शैक्षणिक कार्यक्रमों ने युवा पीढ़ी को जागरूक किया।
मुसूर के ननजाराज बहादुर चौलटरी में आयोजित डेसि सप्पू मेला ने दो दिन के दौरान 5,000 से अधिक आगंतुकों को आकर्षित किया। इस मेले का आयोजन सहाज़ा समृद्ध, यूज़िंग डाइवरसिटी, हुलिकाडू फार्मर्स प्रोड्यूस कंपनी और आईसीएआर‑जेएसएस कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
किसान समूहों ने हड केोटे, कानकापुर, नागरहोल, कुंडगोल और केरल के वायनाड से विविध जड़ी-बूटी और जंगली पत्तेदार सब्जियाँ लाकर मेले का रंग बढ़ाया। विशेष रूप से ‘सीगेसॉप्पू’ और ‘बरके सप्पू’ को बड़े पैमाने पर खरीदारों ने स्वीकार किया।
आयोजकों के बयान के अनुसार, “अपर्याप्त वर्षा के बावजूद पत्तेदार सब्जियाँ समृद्ध रूप से बढ़ी और आगंतुकों को मंत्रमुग्ध किया।” इस दौरान, नीलम्मा और नागम्मा जैसे किसान अपनी सफल बिक्री अनुभव साझा करते हुए खुश दिखे।
सुप्रसिद्ध ‘सप्पू मैन ऑफ कर्नाटक’ मुरलीधर गुनगुरमाले ने पत्तेदार सब्जियों के पोषण और उपयोगिता पर शैक्षणिक सत्र दिया। उन्होंने बताया कि कैसे जंगली पत्तेदार सब्जियाँ स्थानीय खाद्य सुरक्षा में योगदान देती हैं।
इस मेले के साथ एक ड्रॉइंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जहाँ 21 छात्रों ने जंगली पत्तेदार सब्जियों के चित्रण में भाग लिया। वरिष्ठ और जूनियर श्रेणी दोनों में विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया गया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह आयोजन शहरी बाजारों में मूल कृषि उत्पादों की बढ़ती मांग को दर्शाता है, जो सतत खाद्य प्रणालियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
“डेसि सप्पू मेले जैसे कार्यक्रमों में जंगली सब्जियों का पुनरुत्थान सतत कृषि और स्थानीय खाद्य प्रणालियों की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव को उजागर करता है,” कहते हैं डॉ. आशा रेड्डी, खाद्य स्थिरता विशेषज्ञ।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या डेसि सप्पू मेला हर वर्ष होता है?
उत्तर: हाँ, यह आयोजन वार्षिक रूप से होता है, और अगले वर्ष और भी बड़ी संख्या में पत्तेदार सब्जियाँ लाने की योजना है।
प्रश्न 2: किस प्रकार की पत्तेदार सब्जियाँ सबसे लोकप्रिय थीं?
उत्तर: ‘सीगेसॉप्पू’ और ‘बरके सप्पू’ सबसे अधिक खरीदी गई पत्तेदार सब्जियाँ थीं।