केरल हाई कोर्ट के आदेशों के बाद राज्य सरकार ने सार्वजनिक स्थानों से अनधिकृत फ्लेक्स बोर्ड, बैनर और ध्वजों को हटाने के विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। प्रत्येक उल्लंघन पर ₹5,000 का जुर्माना और अभियोजन कार्रवाई का प्रावधान है।
- अनधिकृत फ्लेक्स बोर्ड, बैनर और ध्वजों को तुरंत हटाया जाएगा।
- प्रति उल्लंघन ₹5,000 का जुर्माना और लागत वसूली की जाएगी।
- स्थानीय निकाय के सचिवों को व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी ठहराया जाएगा।
केरल हाई कोर्ट ने कई बार आदेश जारी किए हैं कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, फुटपाथ, मध्य द्वीप और ट्रैफ़िक आइलैंड पर लगे अनधिकृत बैनर, फ्लेक्स बोर्ड और ध्वजों को पूरी तरह से हटाया जाए। इस आदेश के अनुपालन में, राज्य सरकार ने एक विस्तृत दिशानिर्देश जारी किया है, जिसमें जुर्माना, लागत वसूली और अभियोजन की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है।
दिशानिर्देशों का सारांश
दिशानिर्देश के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक स्थान पर अनधिकृत बोर्ड लगाना अवैध माना जाएगा। प्रत्येक हटाए गए बोर्ड या बैनर पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया जाएगा और हटाने की लागत भी उत्तरदायी व्यक्ति से वसूल की जाएगी। साथ ही, स्थानीय निकाय के सचिवों को इन मामलों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी दी गई है; यदि जुर्माना वसूला नहीं गया तो वह स्वयं से राशि वसूल करेंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
केरल हाई कोर्ट ने अगस्त 8 को जारी किए गए नवीनतम आदेश में यह बताया कि स्थानीय स्व-शासन संस्थाएँ बोर्ड हटाने की संख्या के अनुपात में जुर्माना वसूल करने में लापरवाह रही हैं, जिससे राज्य को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है। इस समस्या को हल करने के लिए पहले भी कई बार सख्त निर्देश दिए गए थे, लेकिन प्रभावी कार्यान्वयन नहीं हो पाया था।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि अनधिकृत विज्ञापन न केवल सार्वजनिक दृश्य को बिगाड़ते हैं, बल्कि स्थानीय प्रशासन की आय में भी बाधा बनते हैं। इस कदम से न केवल राजस्व में सुधार होगा, बल्कि सड़क सुरक्षा और शहरी सौंदर्य में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
"अनधिकृत विज्ञापन हटाना सार्वजनिक हित की रक्षा है और यह कानूनी प्रवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है," कहते हैं कानूनी विशेषज्ञ डॉ. अजय मिश्रा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: यदि कोई व्यक्ति जुर्माना नहीं देता तो क्या होगा?
उत्तर: स्थानीय निकाय के सचिव को व्यक्तिगत रूप से राशि वसूलने का निर्देश है, और यदि वह भी विफल रहता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रश्न 2: हटाए गए बोर्डों का निपटान कैसे किया जाएगा?
उत्तर: बोर्डों को हरित कर्म सेना या अधिकृत एजेंसियों द्वारा वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया जाएगा।