भारत सरकार ने अनुबंध निर्माण के लिए कर रियायतें 2041 तक बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया है, जिससे Apple सहित कई विदेशी कंपनियों को लाभ मिल सकता है। यह कदम iPhone उत्पादन को बढ़ाने और निवेश को आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।
मुख्य बिंदु
- भारत ने अनुबंध निर्माण पर कर रियायतें 2041 तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया।
- यह व्यवस्था Apple और अन्य विदेशी कंपनियों को उच्च‑स्तरीय उपकरण प्रदान करने में मदद करेगी।
- उत्पादन में बढ़ोतरी से नई नौकरियां और निवेश संभावनाएं पैदा होंगी।
प्रस्ताव की मुख्य बातें
रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने कर कानूनों में संशोधन का मसौदा तैयार किया है, जिससे अनुबंध निर्माण में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों पर कर छूट 2041 तक जारी रहेगी। यह छूट मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप, सुनने वाले उपकरण और पहनने योग्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के उत्पादन से जुड़े कंपनियों को दी जाएगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
फरवरी 2025 में भारत ने विदेशी कंपनियों के लिए 2031 तक की कर छूट प्रदान की थी, जब Apple ने उच्च‑स्तरीय iPhone निर्माण मशीनरी को "व्यवसाय संबंध" माना जाने से बचने के लिए भारत सरकार से नियम बदलने की मांग की थी। अब यह छूट अतिरिक्त 15 वर्षों तक बढ़ाकर 2041 किया जा रहा है।
Apple और भारतीय उद्योग पर प्रभाव
Apple ने भारत में iPhone उत्पादन को बढ़ाते हुए चीन पर निर्भरता घटाई है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, 2026 में भारत विश्व के 26% iPhones का उत्पादन करेगा, जो चार साल पहले 6% था। विस्तारित कर रियायतें कंपनी को अपने अनुबंध निर्माताओं को बिना कर बोझ के उन्नत उपकरण सप्लाई करने की सुविधा देंगी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the extended tax certainty will likely accelerate foreign direct investment in India's electronics sector, creating an estimated 3.5 lakh direct and indirect jobs and strengthening India's position as a global manufacturing hub.
"Tax certainty is crucial for long‑term investment decisions," says Dr. Neha Sharma, senior economist at the Indian Institute of Policy.
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इस कर रियायत का Apple पर क्या असर पड़ेगा?
उत्तर: Apple को अपने उच्च‑स्तरीय उत्पादन उपकरणों को भारत में बिना अतिरिक्त कर बोझ के प्रदान करने की सुविधा मिलेगी, जिससे उत्पादन लागत कम होगी और लाभ मार्जिन बढ़ेगा।
प्रश्न 2: इस कदम से भारतीय विनिर्माण क्षेत्र को क्या लाभ होगा?
उत्तर: अधिक विदेशी कंपनियों को आकर्षित करके, यह पहल रोजगार सृजन, तकनीकी हस्तांतरण और निर्यात क्षमता में वृद्धि करेगी।