उत्तर प्रदेश सरकार ने डेयरी विकास विभाग के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी पहल की है। 'नंद बाबा दुग्ध मिशन' के तहत हजारों सहकारी समितियां बनाई गई हैं, जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिल रहा है।

मुख्य बातें

  • उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा दूध उत्पादक राज्य बन गया है।
  • 'नंद बाबा दुग्ध मिशन' के तहत 4,951 प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियां गठित की गई हैं।
  • इस पहल से लगभग 2.25 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
  • डेयरी क्षेत्र में ₹28,000 करोड़ से अधिक के एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को घोषणा की कि डेयरी विकास विभाग के तहत चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार के प्रयासों के चलते राज्य में लगभग 5,000 सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन रही हैं।

उत्तर प्रदेश की डेयरी कमिश्नर, धनालक्ष्मी के. (IAS) ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत ने 248 मिलियन मीट्रिक टन दूध का उत्पादन कर विश्व में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इसमें उत्तर प्रदेश का योगदान 38.8 मिलियन मीट्रिक टन रहा, जो भारत के कुल उत्पादन का 16 प्रतिशत है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश देश का नंबर एक दूध उत्पादक राज्य बन गया है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि डेयरी क्षेत्र में सहकारी समितियों का एकीकरण न केवल किसानों की आय बढ़ाता है, बल्कि बिचौलियों को हटाकर सीधा लाभ लाभार्थियों तक पहुँचाता है। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट, 'नंद बाबा दुग्ध मिशन' के माध्यम से राज्य में 4,951 प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई गई हैं, जिससे ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद मिल रही है।

सहकारी समितियों का सुदृढ़ीकरण ग्रामीण भारत में आर्थिक स्वावलंबन का सबसे प्रभावी मॉडल है।

डेयरी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने हितधारकों के साथ ₹28,000 करोड़ से अधिक के समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अतिरिक्त, 5 अगस्त को सभी 75 जिलों में 'डेयरी कॉन्क्लेव-2026' का आयोजन किया गया ताकि किसानों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पशु प्रबंधन के बारे में जागरूक किया जा सके।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

उत्तर प्रदेश पारंपरिक रूप से कृषि प्रधान राज्य रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने पशुपालन और डेयरी को एक व्यावसायिक उद्योग के रूप में विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया है। इससे न केवल खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, बल्कि ग्रामीण पलायन में भी कमी आई है।

क्या आप जानते हैं?: उत्तर प्रदेश भारत के कुल दुग्ध उत्पादन में अकेले 16% का योगदान देता है, जो इसे देश का 'मिल्क हब' बनाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. नंद बाबा दुग्ध मिशन क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य डेयरी क्षेत्र को सहकारी समितियों के माध्यम से मजबूत करना और ग्रामीण रोजगार बढ़ाना है।

2. इस पहल से कितने लोगों को लाभ हुआ है?
इस पहल से लगभग 2.25 लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं और 17,994 लोग सीधे तौर पर लाभान्वित हुए हैं।