कोच्चि में उबर ड्राइवरों ने कंपनी द्वारा बातचीत का वादा पूरा न करने के विरोध में फिर से हड़ताल शुरू कर दी है। लगभग 2,000 ड्राइवर मांगों को लेकर ऑफलाइन हो गए हैं।

मुख्य बातें

  • कोच्चि में लगभग 2,000 उबर ड्राइवर हड़ताल पर हैं।
  • ड्राइवरों का आरोप है कि कंपनी ने 30 जुलाई को होने वाली वार्ता का वादा तोड़ा।
  • मुख्य मांगें: वेतन में वृद्धि, कम कमीशन और पारदर्शी नियम।
  • श्रम विभाग 3 अगस्त को त्रिवेंद्रम में बैठक आयोजित करेगा।

कोच्चि में टैक्सी एग्रीगेटर कंपनी Uber के ड्राइवरों ने शुक्रवार को एक बार फिर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ऑनलाइन टैक्सी ड्राइवर यूनियन (OTDU) के अनुसार, शहर के लगभग 2,000 ड्राइवर अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर प्लेटफॉर्म से ऑफलाइन हो गए हैं।

वादाखिलाफी का आरोप

यूनियन के अध्यक्ष साहिर के.टी. ने आरोप लगाया है कि उबर ने पिछले सप्ताह के राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन के बाद 30 जुलाई को ड्राइवरों के साथ बैठक करने का वादा किया था। हालांकि, कंपनी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बैठक से इनकार कर दिया। इस विश्वासघात के जवाब में ड्राइवरों ने फिर से काम बंद करने का निर्णय लिया है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक स्थानीय विरोध नहीं है, बल्कि गिग इकोनॉमी (Gig Economy) में काम करने वाले श्रमिकों के अधिकारों की एक बड़ी लड़ाई है। यदि एग्रीगेटर कंपनियां ड्राइवरों की बुनियादी जरूरतों और पारदर्शी कमीशन संरचना को नजरअंदाज करती हैं, तो इससे शहरी परिवहन व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो सकती है।

कंपनी की ओर से संवाद की कमी और सुरक्षा के नाम पर बातचीत से बचना ड्राइवरों के बीच असंतोष को और गहरा कर रहा है।

ड्राइवरों की प्रमुख मांगों में राज्य भर में किराए का मानकीकरण, अंतर-शहर यात्रा के लिए शुल्क में वृद्धि, कंपनी के कमीशन में कमी और तकनीकी त्रुटियों के आधार पर सेवा समाप्ति को रोकना शामिल है। इसके अलावा, वे सभी ड्राइवरों के लिए पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट अनिवार्य करने की भी मांग कर रहे हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इससे पहले भी केरल में उबर और ओला जैसे एग्रीगेटर्स के खिलाफ कई बार विरोध प्रदर्शन हुए हैं। पिछली बार, ड्राइवरों ने तब हड़ताल वापस ली थी जब कंपनियों ने उनकी मांग पर आधार किराए (Base Fare) में वृद्धि करने पर सहमति जताई थी।

क्या आप जानते हैं?: गिग वर्कर्स (जैसे उबर ड्राइवर) अक्सर सामाजिक सुरक्षा और निश्चित कार्य घंटों के अभाव में काम करते हैं, जो उन्हें आर्थिक रूप से असुरक्षित बनाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. उबर ड्राइवर किन मुख्य मांगों पर अड़े हैं?
वे वेतन वृद्धि, कम कमीशन और पारदर्शी सेवा नियमों की मांग कर रहे हैं।

2. अगला कदम क्या है?
श्रम विभाग 3 अगस्त को त्रिवेंद्रम में कंपनी और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाएगा।