कर्नाटक सरकार ने तुमकुरु में 1,736 एकड़ भूमि निर्धारित की है, जिससे ₹7,000 करोड़ के निवेश और 88,000 से अधिक नौकरियों के सृजन की संभावना है।
- तुमकुरु औद्योगिक विनिर्माण हब के लिए 1,736 एकड़ भूमि निर्धारित।
- ₹7,000 करोड़ के निवेश और 88,000+ रोजगार सृजन की क्षमता।
- जिंदल एल्युमीनियम एंकर निवेशक के रूप में 151 एकड़ भूमि आवंटित।
- यह परियोजना 'भव्य' (BHAVYA) पहल के तहत बेंगलुरु-चेन्नई औद्योगिक कॉरिडोर का हिस्सा है।
कर्नाटक के औद्योगिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण प्रगति साझा करते हुए, वृहद और मध्यम उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल ने घोषणा की है कि तुमकुरु नोड (एक औद्योगिक विनिर्माण हब) के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास और कार्यान्वयन ट्रस्ट के शीर्ष निगरानी प्राधिकरण की तीसरी बैठक में मंत्री पाटिल ने बताया कि इस परियोजना के 2027 तक पूरा होने की संभावना है।
राज्य सरकार ने तुमकुरु में कुल 1,736 एकड़ भूमि चिन्हित की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य राज्य में ₹7,000 करोड़ का निवेश आकर्षित करना और 88,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करना है। मंत्री पाटिल के अनुसार, बेंगलुरु-चेन्नई औद्योगिक कॉरिडोर के इस नोड ने अब तक 30% भौतिक प्रगति और 20% वित्तीय प्रगति हासिल कर ली है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि तुमकुरु नोड केवल एक स्थानीय परियोजना नहीं है, बल्कि यह बेंगलुरु के शहरी दबाव को कम करने की एक रणनीतिक कोशिश है। उद्योगों को बेंगलुरु से बाहर निकालकर तुमकुरु जैसे क्षेत्रों में ले जाने से क्षेत्रीय असंतुलन कम होगा और स्थानीय युवाओं को उनके घर के पास ही उच्च-गुणवत्ता वाले रोजगार मिलेंगे।
भूमि आवंटन के विवरण के अनुसार, 300 एकड़ भूमि जापान औद्योगिक टाउनशिप के लिए और 200 एकड़ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए आवंटित की गई है। जिंदल एल्युमीनियम इस नोड में एंकर निवेशक है, जिसे 151 एकड़ भूमि दी गई है। यह हब मुख्य रूप से खाद्य और पेय पदार्थ, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, सामान्य इंजीनियरिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देगा।
तुमकुरु नोड में जापान औद्योगिक टाउनशिप की स्थापना से न केवल निवेश आएगा, बल्कि भारतीय कार्यबल को उन्नत विनिर्माण तकनीकों और जापानी प्रबंधन प्रणालियों को सीखने का अवसर मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, मंत्री पाटिल ने कहा कि कलबुरगी के लिए स्वीकृत पीएम मित्रा (PM MITRA) औद्योगिक पार्क और 'भव्य' (BHAVYA) पहल के तहत अन्य परियोजनाएं भी जल्द पूरी होंगी। केंद्रीय सरकार की इस व्यापक पहल के तहत 13 राज्यों में 11 औद्योगिक कॉरिडोर और 20 स्मार्ट शहरों का विकास किया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उल्लेख किया कि ₹50,759 करोड़ की कुल लागत वाली इस परियोजना का लक्ष्य ₹5.35 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करना और 14 लाख नौकरियां पैदा करना है।
| विशेषता | तुमकुरु नोड विवरण | राष्ट्रीय 'भव्य' पैमाना |
|---|---|---|
| भूमि क्षेत्र | 1,736 एकड़ | 49,120 एकड़ (कुल) |
| अनुमानित निवेश | ₹7,000 करोड़ | ₹5.35 लाख करोड़ |
| नौकरी क्षमता | 88,000+ नौकरियां | 14 लाख नौकरियां |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. तुमकुरु औद्योगिक नोड का काम कब तक पूरा होने की उम्मीद है?
इस परियोजना के 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।
2. तुमकुरु नोड के लिए एंकर निवेशक कौन है?
जिंदल एल्युमीनियम इस परियोजना का एंकर निवेशक है, जिसे 151 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।