सन फार्मा ने अमेरिकी अपीलीय अदालत में एक बड़ी जीत हासिल की है, जिसमें कोर्ट ने फाइजर के साथ हुए समझौते के जरिए लिपिटर की जेनेरिक प्रतिस्पर्धा को रोकने के आरोपों को खारिज कर दिया।

  • यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स (थर्ड सर्किट) ने सन फार्मा और उसकी सहायक कंपनियों के पक्ष में फैसला सुनाया।
  • अदालत ने सारांश निर्णय (Summary Judgment) की पुष्टि की और वादियों की क्लास सर्टिफिकेशन याचिका को खारिज कर दिया।
  • यह मामला लिपिटर (Atorvastatin) के जेनेरिक संस्करण को लेकर 2008 के पेटेंट समझौते से संबंधित था।

एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत में, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ने सोमवार को घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका की एक अपीलीय अदालत ने एंटीट्रस्ट मुकदमे में कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया है। यह विवाद फाइजर के साथ 2008 में हुए एक पेटेंट मुकदमेबाजी निपटान समझौते से जुड़ा था, जो कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा लिपिटर (Atorvastatin) के जेनेरिक संस्करण से संबंधित था।

यूनाइटेड स्टेट्स कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द थर्ड सर्किट ने यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के उस आदेश की पुष्टि की, जिसमें सन फार्मा और उसकी सहायक कंपनियों के पक्ष में पूर्ण सारांश निर्णय दिया गया था। इसके अलावा, अपीलीय अदालत ने वादियों को 'क्लास सर्टिफिकेशन' देने से इनकार करने वाले जिला न्यायालय के आदेश को भी बरकरार रखा है।

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह फैसला केवल एक कानूनी जीत नहीं है, बल्कि भारतीय फार्मा दिग्गज के लिए एक रणनीतिक राहत है। अमेरिका में एंटीट्रस्ट मुकदमे अक्सर भारी जुर्माने का कारण बनते हैं, जो कंपनी के अनुसंधान और विकास (R&D) बजट को प्रभावित कर सकते हैं। 2008 के समझौते का बचाव करके, सन फार्मा ने अमेरिकी जेनेरिक बाजार में प्रवेश के अपने कानूनी दृष्टिकोण को सही साबित किया है।

"यह निर्णय रणनीतिक पेटेंट समझौतों की वैधता को मजबूत करता है, बशर्ते वे प्रतिस्पर्धा विरोधी व्यवहार की सीमा को पार न करें।"

मुकदमे के वादियों ने आरोप लगाया था कि फाइजर के साथ किया गया समझौता जानबूझकर लिपिटर की सस्ती जेनेरिक प्रतिस्पर्धा को रोकने के लिए था, ताकि बाजार में कीमतों को कृत्रिम रूप से ऊंचा रखा जा सके। हालांकि, अदालत ने इन आरोपों को निराधार पाया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: अमेरिका में जेनेरिक दवाओं का परिदृश्य 'हैच-वैक्समैन एक्ट' द्वारा शासित होता है, जो जेनेरिक निर्माताओं को पेटेंट को चुनौती देने की अनुमति देता है। 2008 का यह समझौता उन कानूनी दांव-पेचों का हिस्सा था जिनका उद्देश्य यह तय करना था कि जेनेरिक एटोर्वास्टेटिन कानूनी रूप से बाजार में कब आ सकती है।

क्या आप जानते हैं?: लिपिटर इतिहास की सबसे अधिक बिकने वाली प्रिस्क्रिप्शन दवाओं में से एक थी, जिसने जेनेरिक प्रतिस्पर्धा आने से पहले फाइजर के लिए अरबों डॉलर का वार्षिक राजस्व उत्पन्न किया था।

प्रश्न 1: सन फार्मा पर मुख्य आरोप क्या था?
वादी का आरोप था कि सन फार्मा ने फाइजर के साथ मिलकर जेनेरिक लिपिटर की लॉन्चिंग में देरी करने का अवैध समझौता किया था।

प्रश्न 2: इस मुकदमे की वर्तमान स्थिति क्या है?
अपीलीय अदालत ने सन फार्मा के पक्ष में फैसला सुनाया है, जिससे यह कानूनी लड़ाई प्रभावी रूप से समाप्त हो गई है।