आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) ने स्पष्ट किया है कि पति द्वारा अपनी कमाई पत्नी के खाते में स्थानांतरित करने पर पत्नी को उस पर अलग से आयकर नहीं देना होगा। हालांकि, उस राशि से होने वाली आय पर 'क्लबिंग नियमों' के तहत सावधानी बरतनी आवश्यक है।

  • पति की कर-भुगतान की गई आय को पत्नी के खाते में भेजने पर पत्नी पर अतिरिक्त टैक्स नहीं लगता।
  • पत्नी द्वारा उस राशि पर अर्जित ब्याज या निवेश से होने वाली आय पर 'क्लबिंग ऑफ इनकम' नियम लागू हो सकते हैं।
  • आयकर विभाग के नोटिस की स्थिति में पति के ITR और बैंक ट्रांजैक्शन के प्रमाण रखना अनिवार्य है।

अक्सर मध्यमवर्गीय परिवारों और गृहिणियों के मन में यह सवाल रहता है कि यदि पति अपनी मेहनत की कमाई पत्नी के बैंक खाते में जमा करता है, तो क्या उस राशि पर पत्नी को भी आयकर (Income Tax) देना होगा? इस महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न पर आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है, जो करदाताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

ITAT के हालिया फैसले के अनुसार, यदि कोई पति अपनी कानूनी रूप से अर्जित आय पर पहले ही कर चुका चुका है और फिर उस राशि को अपनी पत्नी के खाते में स्थानांतरित करता है, तो उस राशि को केवल खाते में जमा होने के आधार पर पत्नी की 'स्वयं की आय' नहीं माना जा सकता। इसका सीधा अर्थ यह है कि पैसा केवल एक खाते से दूसरे खाते में स्थानांतरित होने मात्र से नया कर दायित्व पैदा नहीं करता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह निर्णय उन लाखों परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो बचत और निवेश के लिए संयुक्त या पत्नी के खातों का उपयोग करते हैं। बिना स्पष्टता के, आयकर विभाग अक्सर बड़ी जमा राशि को व्यक्तिगत आय मानकर नोटिस भेज देता है, जिससे परिवारों को मानसिक और वित्तीय तनाव का सामना करना पड़ता है।

पति की कर-भुगतान की गई आय का हस्तांतरण पत्नी के लिए नई आय नहीं है, लेकिन उस राशि से उत्पन्न होने वाला लाभ कर योग्य हो सकता है।

हालांकि, यहाँ एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ है जिसे समझना आवश्यक है। आयकर अधिनियम की धारा 64 (Section 64) के तहत 'क्लबिंग ऑफ इनकम' (Clubbing of Income) का प्रावधान है। यदि पत्नी पति द्वारा दिए गए पैसे को किसी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या अन्य निवेश में लगाती है और उससे ब्याज या लाभांश प्राप्त करती है, तो उस अतिरिक्त आय को पत्नी की आय नहीं माना जाएगा। इसके बजाय, उस ब्याज को पति की आय में जोड़ दिया जाएगा और पति को ही उस पर कर देना होगा।

ऐसी स्थिति में, यदि आयकर विभाग की ओर से कोई नोटिस आता है, तो गृहिणियों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि आपको पति के आयकर रिटर्न (ITR), बैंक स्टेटमेंट और धन हस्तांतरण के पुख्ता सबूत संभाल कर रखने चाहिए ताकि यह साबित किया जा सके कि पैसा पति की कर-भुगतान की गई आय से आया है।

Frequently Asked Questions

1. क्या पत्नी के खाते में पति द्वारा भेजे गए पैसे पर टैक्स लगेगा?
नहीं, यदि वह पैसा पति की पहले से कर-भुगतान की गई आय है, तो केवल ट्रांसफर करने पर पत्नी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

2. यदि पत्नी उस पैसे से ब्याज कमाती है तो क्या होगा?
उस ब्याज पर 'क्लबिंग नियम' लागू होंगे और वह आय पति की आय में जोड़ दी जाएगी।

Did You Know?: आयकर कानून में 'क्लबिंग' का उद्देश्य कर चोरी को रोकना है, ताकि लोग कम टैक्स स्लैब का लाभ उठाने के लिए संपत्ति को परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर न ट्रांसफर करें।