भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान बाजार में हेरफेर करने के आरोप में Copthall Mauritius Investment और Mansi Share and Stock Broking पर भारी जुर्माना लगाया है।
- SEBI ने बाजार हेरफेर के लिए दो कंपनियों पर कुल ₹3.7 करोड़ का जुर्माना लगाया।
- Copthall Mauritius ने खरीद आदेशों के जरिए सेंसेक्स के इंडेक्स इक्विलिवेलेंट प्राइस (IEP) को कृत्रिम रूप से बढ़ाया।
- Mansi Share and Stock Broking ने भारी बिकवाली के आदेश देकर कीमतों को नीचे धकेला और फिर उन्हें रद्द कर दिया।
- दोनों संस्थाओं को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) में ट्रेडिंग करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बाजार की अखंडता बनाए रखने की दिशा में एक सख्त कदम उठाते हुए Copthall Mauritius Investment Limited और Mansi Share and Stock Broking Private Limited पर कुल ₹3.7 करोड़ का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई सेंसेक्स के क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान बाजार में हेरफेर करने के आरोप में की गई है।
यह मामला 13 अगस्त 2026 का है, जो कि एक्सपायरी डे था। SEBI के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे की चेतावनी के तुरंत बाद, नियामक ने एक अंतरिम आदेश जारी किया। जांच में पाया गया कि इन कंपनियों ने नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन का दुरुपयोग करके कीमतों को प्रभावित करने की कोशिश की, ताकि वे डेरिवेटिव ट्रेडों में अनुचित लाभ प्राप्त कर सकें।
हेरफेर की कार्यप्रणाली
SEBI के जांच अधिकारी कामलेश वर्ष्णेय के अनुसार, दोनों कंपनियों ने विपरीत लेकिन अत्यधिक आक्रामक रणनीतियों का उपयोग किया। Copthall Mauritius ने सेंसेक्स के IEP को ऊपर ले जाने के लिए आक्रामक खरीद आदेश दिए, जो कुल खरीद मूल्य का लगभग 85% थे। वहीं, Mansi Share and Stock Broking ने सेंसेक्स की आठ संस्थाओं में भारी बिकवाली के आदेश दिए, जिससे कीमतों पर नीचे की ओर दबाव पड़ा, और फिर कुछ ही सेकंड में उन आदेशों को रद्द कर दिया।
इन बड़े खरीद और बिक्री आदेशों को लगाकर और फिर उन्हें रद्द करके, कंपनियों ने उन डेरिवेटिव ट्रेडों में अनुचित लाभ कमाने की कोशिश की जो अन्यथा शून्य हो जाते।
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, इस प्रकार की हेरफेर न केवल आम निवेशकों के विश्वास को चोट पहुंचाती है, बल्कि बाजार की निष्पक्षता को भी गंभीर रूप से बाधित करती है। SEBI ने पाया कि Copthall के सभी खरीद आदेश औसत मूल्य से 3% से अधिक ऊपर थे, जो स्पष्ट रूप से बाजार को प्रभावित करने का प्रयास था।
ऐतिहासिक संदर्भ और नियामक कार्रवाई
क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) को बाजार की कीमतों को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए पेश किया गया था। हालांकि, इस घटना ने दिखाया कि कैसे परिष्कृत एल्गोरिदम और बड़े ऑर्डर का उपयोग करके नियमों की खामियों का फायदा उठाया जा सकता है। SEBI ने अब दोनों संस्थाओं के बैंक खातों को फ्रीज करने और उनके डीमैट खातों से बिना अनुमति के कोई भी डेबिट न करने का निर्देश दिया है।
Frequently Asked Questions
1. SEBI ने किन कंपनियों पर कार्रवाई की है?
SEBI ने Copthall Mauritius Investment Limited और Mansi Share and Stock Broking Private Limited पर कार्रवाई की है।
2. कंपनियों को क्या सजा मिली है?
इन पर कुल ₹3.7 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है और उन्हें CAS में ट्रेडिंग करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।